US Presidential Debate : प्रेशिडेंशियल डिबेट में गरमाया ‘अबॉर्शन’ का मुद्दा, कमला हैरिस के जवाब से बैकफुट पर ट्रंप

    US Presidential Debate : प्रेशिडेंशियल डिबेट में गरमाया ‘अबॉर्शन’ का मुद्दा, कमला हैरिस के जवाब से बैकफुट पर ट्रंप

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले यूएस प्रेसिडेंशियल डिबेट (US Presidential Debate) में कमला हैरिस (Kamala Harris) और पूर्व अमिरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) में कई मुद्दों पर बहस हुई. डिबेट के दौरान कमला हैरिस ने 37 मिनट 36 सेकेंड बोला, जबकि ट्रम्प 42 मिनट 52 सेकेंड तक बोले. प्रेशिडेंशियल डिबेट (Presidential Debate) होने के बाद दोनों बिना हाथ मिलाए ही लौट गए. अमेरिका के 4 मीडिया हाउस (CNN, न्यूयॉर्क टाइम्स, वॉशिंगटन पोस्ट और BBC) के सर्वे में डिबेट का विजेता कमला हैरिस को माना गया.

    डिबेट में गरमाया ‘अबॉर्शन’ का मुद्दा

    हालांकि इस डिबेट में ‘अबॉर्शन’ ('Abortion') का मुद्दा गरमाया, जिसपर दोनों के बीच तीखी बहस हुई. इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने‘अबॉर्शन’ के मुद्दे पर डिफेंड किया. जिसपर कमला हैरिस ने जवाब देते हुए रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को बैकफुट (Backfoot) पर ला दिया. डेमोक्रेट कैंडिडेट कमला हैरिस ने ‘अबॉर्शन’ के मुद्दे पर ट्रंप को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ‘ट्रंप महिलाओं को ये मत बताए कि उन्हें अपने बॉडी के साथ क्या करना चाहिए.’

    इस दौरान कमला हैरिस (Kamala Harris) ने महिलाओं के च्वाइस की आजादी की पैरवी भी की. उन्होंने कहा कि अगर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) राष्ट्रपति चुने गए तो वे पूरे देश में गर्भपात (Abortion) पर रोक लगाने वाले बिल पर साइन कर देंगे. वहीं कमला हैरिस ने अर्थव्यवस्था (Economy) के मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप को घेरा.

    आरोपों का डोनाल्ड ट्रंप ने दिया जवाब

    वहीं ‘अबॉर्शन’ के मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस के आरोपों को झूठा बताया. उन्होंने कहा कि कमला हैरिस झूठ बोल रही हैं. वे ऐसा कोई भी बैन (Ban) साइन नहीं करने वाले वाले हैं, न ही ऐसा करने की कोई जरूरत है.

    जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह राष्ट्रीय स्तर पर गर्भपात (Abortion)  पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक पर वीटो (Veto) लगाएंगे, तो उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ऐसा कोई भी विधेयक कांग्रेस से मंजूरी नहीं पा सकेगा.

    आपको बता दें कि 2022 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) ने ऐतिहासिक रो बनाम वेड फैसले द्वारा स्थापित गर्भपात के संवैधानिक अधिकार को समाप्त कर दिया. 1973 के इस फैसले ने पूरे देश में गर्भपात को वैध कर दिया.

    कमला ने कहा कि वर्तमान में 20 से अधिक राज्यों में ट्रंप की नीतियों से प्रभावित गर्भपात कानून हैं, जिसके कारण गर्भपात पर प्रतिबंध है. इसकी वजह से गर्भपात से जुड़े मामलों में डॉक्टर या नर्स का स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना अपराध बन जाता है. एक राज्य में इसके लिए आजीवन कारावास का प्रावधान है.

    कमला हैरिस ने कहा कि अगर ट्रंप जीतते हैं तो वह देशव्यापी गर्भपात प्रतिबंध (Countrywide Abortion Ban) के लिए नियम लाने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार को कुछ स्वतंत्रताओं जैसे अपने शरीर से जुड़े फैसले लेने की आजादी के लिए नियम नहीं बनाने चाहिए, खासकर डोनाल्ड ट्रंप को ऐसे नियम नहीं बनाने चाहिए.

     


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news