700 रुपया ट्रेक्टर मिलने वाला बालू अब रात के अंधेरे में रु 5000 में मिल रहा है, जानिये इसकी वजह


गुमला (GUMLA): राज्य भर में बालू की समस्या जोरो पर है. वहीं लोग परेशान है, तो कहीं बालू के थोक विक्रेता. आलम ये है कि लोगों के घर बनते-बनते रुक गए. बिल्डर के बड़े-बड़े प्रोजेक्टस रुके हैं. इससे लोगों को काफी परेशानी झेलना पड़ रहा है. गुमला में लोगों के लिए भी बालू की समस्या बड़ी परेशानी बनी हुई है. जिला में कुछ दिनों पहले पुलिस ने बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर भारी मात्रा में अवैध बालू जब्त किया. इसके बाद बालू माफियाओं पर तो कार्रवाई का कुछ खास असर नहीं पड़ा, लेकिन आम लोगों के सर पर समस्या का पहाड़ जरूर टूट पड़ा. स्थानीयों की माने तो पुलिस कार्रवाई के बाद 700 रुपया ट्रेक्टर मिलने वाला बालू अब रात के अंधेरे में 5000 रुपया प्रति ट्रेक्टर मिल रहा है.
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प्रशासन सख्त
सामाजिक कार्यकर्ता सुधाकर कुमार की मानें तो बाजार में बालू उप्लब्ध नहीं होने से लोग काफी परेशान हैं. उनके घर का काम नहीं हो पा रहा है. लोगों का कहना है कि अभी भी रात के अंधेरे में बालू की काला बाजारी हो रही है. गुमला से रांची रोड में रात के अंधेरे में काफी बालू के बड़े वाहनों के आवागमन की सूचना मिल रही है. जिला के डीसी सुशांत गौरव से मामाले के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि निश्चित रूप से बालू एक समस्या बन गयी है. लेकिन इसको लेकर प्रशासन गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है. जल्द ही इसका समाधान कर लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि आसानी से लोगों को बालू मील इसका प्रयास किया जा रहा है.
रिपोर्ट: सुशील कुमार सिंह, गुमला
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