TNP SPECIAL: धनबाद के कोयला चोरों पर अब बरसेंगे आंसू गैस के गोले, जानिए इस फैसले का पूरा डिटेल्स


धनबाद(DHANBAD): धनबाद में कोयला चोर अगर सीआईएसएफ पर पत्थरबाजी करेंगे ,तो अब जवान पीछे हटने के बजाए अश्रु गैस के गोले दागेंगे. सूत्रों पर भरोसा करें तो बीसीसीएल प्रबंधन ने बुधवार को कोयला चोरी रोकने के लिए मैराथन बैठक की. इस बैठक में वैसे तो कई निर्णय लिए गए हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह हुआ है कि अगर कोयला चोर पत्थरबाजी करते हैं तो उन्हें कोई रियायत दिए बगैर उन पर आंसू गैस के गोले दागे जाए. इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है. नाइट विजन कैमरा लगाने, हाई मास्क टावर लगाने, 20 मीटर ऊंचाई पर खड़ा होकर निगरानी करने के इंतजाम का भी निर्णय हुआ है. आउटसोर्सिंग कंपनियों को भी कड़ाई से कहा गया है कि कोयला चोरी होने पर नामजद f.i.r. करे. कंपनियों को यह भी निर्देश मिला है कि अपने कर्मियों को पहचान पत्र और पोशाक देगी. इसकी पूरी सूची एरिया प्रबंधन और सीआईएसएफ को देनी होगी.
निर्णय को जमीन पर उतरना होगी बड़ी चुनौती
निर्णय यह भी हुआ है कि बंद खदानों की डोजरिंग कर दी जाएगी और उसकी बैरिकेडिंग होगी. कोलियरी में प्रवेश पर रोक लगाने के लिए रास्ते में ट्रैंच कटिंग किया जाएगा. देखना यह होगा कि यह निर्णय जमीन पर कितना उतर पाता है, क्योंकि कोयला चोरी धनबाद में लाइलाज बीमारी बन गई है. कोयला चोरी कर तस्कर अपने को आर्थिक रूप से इतने अधिक सक्षम और मजबूत बना लिए हैं कि कभी भी, कहीं भी किसी से टकरा जा रहे है. रात के अंधेरे की बात कौन कहे, दिन के उजाले में भी धड़ल्ले से कोयला चोरी हो रही है. इस कोयला चोरी में हिस्सेदारी के लिए फायरिंग ,मारपीट, बमबाजी की घटनाएं लगातार हो रही है. आउटसोर्सिंग कंपनियों से भी बेधड़क कोयला चोरी किया जा रहा है. विभिन्न इलाकों से कोयला चुराकर एक जगह इकट्ठा किया जाता है और उसके बाद इसे बड़े वाहनों से बाहर की मंडियों में भेज दिया जाता है. चोरी के कोयले का एक बहुत बड़ा भाग धनबाद के कोयला आधारित उद्योगों में भी खपाया जाता है. चोरी का कोयला धनबाद में लगभग ₹10,000 प्रति टन की दर से बेचा जाता है.
अलग अलग इलाकों के लिए अलग अलग है गैंग
हर एक इलाके में कोयला चोरी और तस्करी कराने के लिए अलग-अलग गैंग सक्रिय है. उनको पासिंग कोड मिलता है, यह कोड एक निर्धारित समय के लिए दिया जाता है. उनका समय खत्म करने के बाद पासिंग कोड को अधिकतर मामलों में रिन्यू नहीं किया जाता , बल्कि प्रतीक्षा में बैठे कोयला तस्करों को काम दे दिया जाता है. यह भी एक अजबोगरीब खेल है. फिलहाल धनबाद में कोयला चोरी का इतिहास बन गया है. बुधवार को प्रशासनिक अधिकारी रेस हुए तो कई जगहों पर मामले पकड़ में आये. सूत्र तो यह बताते हैं कि प्रशासन जहां भी छापेमारी करें, मामले पकड़ में आएंगे ही. बुधवार की सुबह एसडीएम ने राजगंज थाना क्षेत्र के धावाचीता के एक धर्म कांटा पर दबिश दी. उस समय वहां 2 दर्जन से अधिक कोयला लदे ट्रक खड़े थे. टीम को देखते ही कुछ चालक अपनी गाड़ियों को लेकर निकल गए, वहीं कई लोग गाड़ियां छोड़कर फरार हो गए. उसके बाद 10 कोयला लदे वाहन को जब्त किया गया.
4+