इस बार रांची में भी लोगों को झेलना पड़ेगा भीषण गर्मी का सितम, नहीं मिलेगी राहत, जानिए क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक

    इस बार रांची में भी लोगों को झेलना पड़ेगा भीषण गर्मी का सितम, नहीं मिलेगी राहत, जानिए क्या कहते हैं मौसम वैज्ञानिक

    रांची(RANCHI): अप्रैल महीने की शुरुआत में ही गर्मी ने लोगों पर अपना कहर बरपाना चालू कर दिया है. अप्रैल के पहले सप्ताह में ही लोगों का चिलचिलाती धूप में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. आलम ये है कि लोग छाता और मुंह पर स्कार्प या गमछा बांधकर चलने को मजबूर हैं.

    मार्च के सुहाने मौसम के बाद गर्मी ने बढ़ाई बेचैनी

    मार्च के महीने में देश के विभिन्न राज्यों में बारिश और ओले गिरे. इसके साथ ही चलनेवाली तेज हवाओं की वजह से मौसम बहुत ही सुहाना रहा. जिसका मजा लोगों ने खूब लिया. लेकिन अप्रैल आते-आते मौसम ने अपना रुख एक दम से बदल लिया है. और लोगों पर सितम ढाहने लगा है. तेज हो रही धूप को देखकर ही लोगों की रुह कांप जा रही है. लोग ये सोच रहे हैं कि अप्रैल के शुरुआत में ये हाल है, तो मई और जून में गर्मी से लोगों का क्या हाल होगा. 11 अप्रैल मंगलवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉड किया गया. जो अप्रैल महीने के लिए बहुत ही अधिक है. ये तापमान सामान्य लोगों की सहन शक्ति से काफी ज्यादा है.

    मौसम पर क्या है वैज्ञानिकों की राय

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. जिससे फसलों की उपज कम होगी. जो देश में और ज्यादा महंगाई बढ़ने की वजह बनेगा. वहीं बढ़ती गर्मी और सामान्य से कम बारिश की संभावना पर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश कम होने से सीधे तौर पर हमारे देश के किसानों की खेती पर असर पड़ेगा. उनके खेतों में लगे धान की फसल को पानी कम मिलने से ये सूख जायेगा. और किसानों को भारी नुकसान सहना पड़ेगा.

    गर्मी का पारा बढ़ने से देश में मंहगाई का भी चढ़ेगा पारा

    कम बारिश होने से फसल की अच्छी ऊपज नहीं होगी. जिससे देश में आर्थिक असंतुलन बढ़ेगा. जो महंगाई बढ़ने का मुख्य वजह बनेगा. देश में सूखे की स्थिति उत्पन होगी. जिससे हमारे देश के अन्नदाता किसान आर्थिक रुप से और कमजोर हो जायेंगे. उनके सामने भूखे मरने की स्थिति आ जायेगी. और किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे. 

    अप्रैल और मई, जून में अधिक गर्मी क्यों लगती है

    आपको बताये कि मौसम एक्सपर्टस् की माने तो इन महीनों में सुर्य धरती के ज्यादा करीब आ जाता. जब सुर्य और धरती की नजदीकियां बढ़ती है, तो सुर्य से निकलनेवाली रेडिएशन एनर्जी धरती को गर्म करने लगती है. जिससे इन तीन महीनों में प्रचंड गर्मी पड़ती है. और जून महीने के अंत तक मॉनसून की दस्तक से गर्मी का असर कम होने लगता है. और लोगों को गर्मी के सितम से थोड़ी राहत मिलती है. क्योंकि इस समय आकाश में बादल छाते है. जिससे सोलर रेडिएशन का असर कम हो जाता है.

    प्रियंका कुमारी की रिपोर्ट.



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