आपको भी झकझोर देगी यह खबर : रैयतों की राशि खा गए "मगरमच्छ ".अब आर्थिक तंगी में उठने लगी अर्थी!


धनबाद(DHANBAD): धनबाद में रविवार को व्यवस्था को "झकझोर" देने वाली वाली एक खबर सामने आई है. धनबाद रिंग रोड मुआवजा घोटाला के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाजपा नेता रमेश कुमार रही ने कहा है कि रिंग रोड मौजा के रैयत रसिक मुर्मू न्याय और मुआवजा मिलने की आस में काल कवलित हो गए. पूर्व में भी इसी गांव के रैयत जयदेव माझी एवं उनके पुत्र रमेश बेसरा की मौत हो चुकी है.
रिंग रोड के लिए अधिग्रहित जमीन मुआबजा के आस में अब अर्थी उठने लगी है. रसिक मुर्मू की 25 डिसमिल जमीन अधिग्रहित की गई थी, लेकिन मुआवजा उन्हें आज तक नहीं मिल पाया और आर्थिक संकट के कारण उनकी जान चली गई है.
इधर, 2016 में दर्ज मामले में एसीबी ने गुरुवार की रात से लेकर शुक्रवार की सुबह तक कुल 17 लोगों को गिरफ्तार किया था. अभी भी टीम इसमें शामिल लोगों की तलाश में जुटी हुई है. एसीबी की टीम लगातार छापेमारी कर रही है. गुरुवार की रात से लेकर शुक्रवार की सुबह तक एसीबी भी की टीम ने धनबाद, रांची और देवघर से 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. उन्हें जेल भेज दिया गया है.
मामले के कई नामजद आरोपी अभी भी गिरफ्तारी से दूर है. अब एबीसी भी उनके पीछे पड़ी हुई है. 3 मार्च 2016 को इसी मामले में राज्य सरकार के आदेश पर रिंग रोड के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजा घोटाले में मामला दर्ज करते हुए केस की जांच शुरू की थी. एसीबी ने भू अर्जन घोटाले में कुल पांच एफआईआर दर्ज की थी.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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