अतीत की बातें: 30 साल पहले भी धनबाद कोर्ट को उड़ाने की आई थी धमकी,तब क्या हुआ था!


धनबाद(DHANBAD) : धनबाद कोर्ट को बम से उड़ाने की ईमेल धमकी के बाद हाई अलर्ट, एसएसपी प्रभात कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे, डॉग स्क्वायड और बामनिरोधक दस्ता कोर्ट परिसर से जेल गेट तक सघन जांच की. जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला। कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. यह है धनबाद पुलिस का ट्वीट। इस बीच पता चला है कि साइबर थाना की विशेष टीम के साथ टेक्निकल सेल ईमेल की जांच कर रही है. रांची सीआईडी के टेक्निकल सेल की भी मदद ली जा रही है. कोर्ट के साथ-साथ आसपास इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
बम स्क्वॉड और खोजी कुत्तों की मदद से खंगाला गया पूरा परिसर
दरअसल, बुधवार को धनबाद कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. बुधवार की सुबह धनबाद कोर्ट के मेल आईडी पर किसी ने ईमेल भेज कर यह धमकी दी. मेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया. पुलिस को सूचना दी गई, पुलिस अधिकारी पहुंचे और आनन् -फानन में कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया. मेल भेजने वाले ने अपना परिचय तमिलनाडु के अजीत कुमार के रूप में दिया था. पुलिस दिन के 11:15 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक बम स्क्वॉड और खोजी कुत्तों की मदद से कोर्ट का चप्पा चप्पा खंगाला , लेकिन कुछ संदिघ्ध चीज नहीं मिला। इसके बाद दोपहर बाद स्थिति सामान्य हो पाई.
कोर्ट परिसर को उड़ाने की धमकी 30 साल पहले भी आई थी
ऐसी ही कुछ धमकी लगभग 30 साल पहले भी दी गई थी. धनबाद बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र सहाय ने पुष्टि की है कि साल 92 अथवा 93 में भी इस तरह की धमकी दी गई थी. उसे समय भी कोर्ट में अफरा तफरी मच गई थी. उन्होंने बताया कि उस समय कुख्यात उग्रवादी होपना मांझी धनबाद जेल में बंद था, उसे प्रोडक्शन के लिए कोर्ट लाया गया था. उस समय भी धमकी आई थी और इसी तरह अफरा तफरी मची थी. जांच की गई तो कुछ नहीं मिला था. होपना मांझी धनबाद जिले का कुख्यात उग्रवादी था.
बुधवार को धमकी के बाद कब क्या हुआ
दरअसल, बुधवार को 11:45 बजे मेल पर धमकी भरा संदेश मिला। 11.48 में ही सूचना पर पुलिस परिसर पहुंच गई. 12 बजे तक आसपास और परिसर को खाली करा लिया गया. लगभग 1:00 बजे डॉग स्क्वायड और तकनीकी दल ने जांच शुरू की. लगभग सवा दो बजे कोर्ट परिसर को सुरक्षित घोषित किया गया. उसके बाद न्यायिक कार्य शुरू किया जा सका. तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली. इसके पहले पूरे कोर्ट परिसर को सेनीटाइज कर लिया गया था. सेनीटाइज करने के क्रम में कहीं कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। उसके बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा और सख्त कर दी गई है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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