पलामू (PALAMU): पलामू में हो रहे बिजली संकट और पयजल व्यवस्था को लेकर समाहरणालय सभागार में राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्णा किशोर की अध्यक्षता में जिले की विद्युत व्यवस्था और पेयजलापूर्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई. बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में सबसे अधिक गर्मी पलामू जिले में पड़ती है, इसलिए भीषण गर्मी के मौसम में आम जनता को निर्बाध बिजली और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मौसम में अनावश्यक बिजली कटौती से आम लोगों को गंभीर परेशानी होती है, अतः विद्युत विभाग को पूरी संवेदनशीलता और बेहतर लोड प्रबंधन के साथ कार्य करना होगा.
समीक्षा बैठक में विद्युत विभाग के जीएम सह मुख्य अभियंता श्रवण कुमार ने जिले की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि पलामू में वर्तमान में लगभग 250 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, जिसके मुकाबले केवल 186 मेगावाट की ही आपूर्ति हो पा रही है. इस प्रकार जिले में अभी भी 64 मेगावाट बिजली की कमी बनी हुई है. मंत्री किशोर ने व्यस्ततम समय (PEAK HOUR) में बिजली आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और विशेषकर छत्तरपुर क्षेत्र का जिक्र करते हुए घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. उन्होंने भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए जिले की विद्युत ट्रांसमिशन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और मजबूत करने पर विशेष बल दिया.
इसके साथ ही, बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने जिले में संचालित, खराब पड़े और तकनीकी खराबी का सामना कर रहे चापाकलों की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को खराब चापाकलों की मरम्मत कार्य में तेजी लाने और पेयजल संकट वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का कड़ा निर्देश दिया. मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, चौक-चौराहों, बाजारों और बस पड़ावों पर पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि राहगीरों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके. इस पर उपायुक्त (डीसी) ने आश्वस्त किया कि यह कार्य लगातार जारी है और नए चापाकलों के अधिष्ठापन व जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति की निरंतर निगरानी की जा रही है.

