धनबाद की झरिया में "खाना" तो है लेकिन खाने लायक नहीं, अपील -अब तो जग जाइये हुजूर 

    धनबाद की झरिया में "खाना" तो है लेकिन खाने लायक नहीं, अपील -अब तो जग जाइये हुजूर

    धनबाद(DHANBAD): यह  तो ईश्वर का शुक्र है कि कोयलांचल में गुरुवार और शुक्रवार को भगवान इंद्र की कृपा बरसी, लोगों को गर्मी से राहत मिली. इस बीच प्रदूषण से त्राहिमाम की स्थिति में जीवन यापन कर रहे झरिया के लोगों ने शुक्रवार को अंचल अधिकारी को ज्ञापन सौपा.  पिछले 2 दिनों से झरिया में प्रदूषण के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चल रहा था. झरिया के लोग सड़कों पर उड़ते धूल कण  और तीव्र गति से बढ़ रहे प्रदूषण से परेशान है.  हालात अब ऐसे हो गए हैं कि खुली हवा में सांस लेना भी मुश्किल हो गया है.  दम घुटता  है. राजापुर से निकलने वाले कोयला लोड  भारी वाहन पुराने आर एस पी कॉलेज, कतरास मोड़ , सिंह नगर होते हुए शिमलाबहाल  साइडिंग को जाते है.  इस वजह से भी और अधिक प्रदूषण बढ़ता है. 

    सीओ को दिया गया पत्र 
     
    अंचलाधिकारी को ज्ञापन देकर नागरिकों ने कार्रवाई की मांग की  अन्यथा आंदोलन करने की की चेतावनी दी.  समाजसेवी अखलाक अहमद ने कहा कि वाहनों के पहिए पर लगे धूलकण  सड़कों पर जमा होते हैं और उसके बाद हवा के साथ यह धूलकण   वातावरण में प्रदूषण बढ़ाते है. सड़क के  अगल-बगल के लोगों को घरों में रहना मुश्किल हो गया है.  नगर निगम अथवा बीसीसीएल क्षेत्र में वाटर फॉग्गिंग  नहीं करते है और ना ही सड़कों की सफाई की जाती है.  इस वजह से धूलकण  लगातार बढ़ रहे है.  मनोवर मिर्जा व प्रकाश चंदेल  ने कहा कि स्थानीय लोगों की उम्र प्रदूषण के कारण 10 वर्ष कम हो रही है. 

     झरिया के हर घर में प्रदूषण जनित बीमारियां 

    झरिया के हर घर में दो या तीन व्यक्ति प्रदूषण जनित बीमारियों से ग्रसित है.  हस्ताक्षर अभियान में मुख्य रूप से प्रकाश चंदेल, मनोवर मिर्जा, अखलाक अहमद, रिशु कालिया, राजेश राय, रवि केसरी ,महताब आलम, संतोष जायसवाल सागर साव  आदि शामिल थे.  लोगों ने जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया है कि अब तो सोए से जग जाइए ,अगर बीसीसीएल और निगम की तरह आप भी सो गए तो अनर्थ हो जाएगा.  झरिया के लोग अभी तो बीमार हो रहे हैं फिर तो कीड़े मकोड़े की तरह मरने लगेंगे.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  

     

     



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