लेबर रूम के बाहर दर्द से कराहती रही महिला, सचिव करते रहे निरीक्षण,बेड नहीं मिलने से बच्चे की मौत
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हजारीबाग (HAZARIBAGH) : हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बुधवार को एक दर्दनाक घटना घटी. दोपहर का समय था और राजकीय स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार सिंह अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे. वहीं सुबह 11बजे से एक गर्भवती लेबर रूम के बाहर खड़े होकर दर्द से तड़प रही थी. उधर स्वास्थ्य सचिव न्यू बिल्डिंग के आईसीयू में निरीक्षण के दौरान व्यवस्था में सुधार के निर्देश दे रहे थे. वहीं लेबर रूम के बाहर खड़ी महिला को शाम के 4 बजे तक एक बेड तक नहीं मिल पाया. महिला दर्द से चीखती रही और उसका पति नर्स और डॉक्टर से एक बेड मांगने की दिलवा देने की गुहार लगाता रहा. इस दौरान महिला ने अस्पताल के बाहर ही अपने शिशु को जन्म दे दिया. प्रसव के दौरान करीब 2 फीट की ऊंचाई से बच्चा सीधे जमीन पर गिरा और वही उसकी मौत हो गई.
आग्रह के बाद भी नहीं मिला बेड
महिला नुसरत परवीन और पति नौशाद आलम कटकमदान के निवासी है. पति नौशाद आलम ने बताया कि पत्नी नुसरत परवीन को सुबह से ही प्रसव पीड़ा हो रही थी. जिसके बाद करीब 11 बजे वह अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचा. लेबर रूम के बाहर पत्नी दर्द से कराह रही थी, लेकिन उसे बेड नहीं मिला. नर्स और डॉक्टरों ने इंतजार करने को कहा. पत्नी की पीड़ा बढ़ने पर पति ने कई बार वार्ड इंचार्ज से बेड देने का आग्रह भी किया. लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई. इस बीच करीब शाम 4 बजे डिलीवरी हो गई. खड़े-खड़े जन्म देने से बच्चा जमीन पर गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. नौशाद आलम ने बताया कि वह अपनी पत्नी को लेकर इससे पहले मंगलवार को भी अस्पताल पहुंचे थे लेकिन डॉक्टरों का कहना था कि डिलीवरी में अभी समय है.
स्वास्थ्य सचिव ने ली मामले की जानकारी
घटना के बाद पूरे अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया. और क्योंकि इस वक्त राज्य के स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार सिंह अस्पताल में ही मौजूद थे, तो वो परिजनों से मिले और घटना की जानकारी ली. घटना को लेकर उन्होंने डॉक्टरों को फटकार लगाते हुए नाराजगी जताई साथ ही अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की सख्त हिदायत भी दी. उधर लेबर रूम से मिली जानकारी के अनुसार सेक्रेटरी के निरीक्षण को देखते हुए महिला की डिलीवरी टाल दी गई थी.
जिम्मेदार कौन ?
किस कारण से महिला की डिलीवरी टाला गया यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा. लेकिन इस घटना से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि सेक्रेटरी के मौजूद होने पर जब अस्पताल में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो उनके पीछे अस्पताल में क्या कुछ घटनाएं घटती होंगी.
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