गढ़वा में नहीं थम रहा हाथियों का आतंक! हाथियों के झुंड ने एक की कुचलकर ली जान, ग्रामीणों में आक्रोश 

    गढ़वा में नहीं थम रहा हाथियों का आतंक! हाथियों के झुंड ने एक की कुचलकर ली जान, ग्रामीणों में आक्रोश 

    गढ़वा(GADHWA): गढ़वा में इन दिनों हाथियों का आतंक देखने को मिल रहा है. जहां भंडरिया वन क्षेत्र के अधीन रमकंडा प्रखंड के बलिगढ़ व गोबरदाहा गांव में करीब 35-40 हाथियों के झुंड ने बीती रात जमकर उत्पात मचाया. हाथियों ने इन दोनों गांवों में उत्पात मचाते हुए नागेश्वर सिंह नाम के एक व्यक्ति को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया. 

    50 एकड़ में लगे धान व मकई की फसलों को रौंदकर बर्बाद कर दिया

    वहीं पांच घरों को तोड़कर घरों में रखे राशन का चावल, मकई, गेहूं खा गये. दर्जनों किसानों के करीब 50 एकड़ में लगे धान व मकई की फसलों को रौंदकर बर्बाद कर दिया. घटना की जानकारी लेने बलिगढ़ गांव पहुंचे वाचर को आक्रोशित ग्रामीणों ने खदेड़ दिया.ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग पहले कोई कार्रवाई नही करता. ग्रामीणो ने वाचर को खरी खोटी सुनाकर खदेड़ा. 

    पढें मामले में मुखिया बिनोद प्रसाद ने क्या कहा

    मुखिया बिनोद प्रसाद ने भी पीड़ितों के घर पहुंचकर मुआवजा दिलाने का आश्वाशन दिया. घटना की जानकारी देते हुए ने बताया कि रंका के ढेंगुरा जंगल से करीब साढ़े दस बजे रात 35 हाथियों का झुंड गांव पहुंचा. बताया कि अचानक पहुंचे हाथियों के चिंघाड़ने से ग्रामीणों ने अपने घरों से भागकर एक जगह पर एकत्रित होकर पक्के मकान के छत पर चढ़कर टीना, थाली बजाकर,टार्च जलाकर हाथियों के झुंड को भगाया. वहीं रात भर रतजगा करते रहे. ग्रामीणों की ओर से हाथियों को खदेड़ने के बाद हाथी खेतों की और लौटते समय फसलों को रौंदते हुए जंगलों की ओर निकल गये.

    पढें ग्रामीण ने वन विभाग पर क्या आरोप लगाया

    घटना की जानकारी देते हुए पीड़ित 60 वर्षीय गिरवर सिंह ने बताया कि अपने घर मे पत्नी के साथ थे. इसी बीच करीब 11 बजे अचानक पहुंचा हाथीयों के झुंड ने अनाज की खोज में सुड़ से घर के कंडी को खिंचकर बाहर फेक दिया. धीरे धीरे दीवार के दूसरे तरफ दुबक गए. हाथियों का उत्पात जारी रहा. इसी बीच पत्नी के लिए पहनने के लिए रखे गए नई साड़ी, रजाई, कंबल को जलाकर हाथीयों द्वारा तोड़े गए दीवार के पास ले जाकर रख दिया. जिसके बाद आग की लपेटे देखकर हाथियों का झुंड वहां से भाग खड़ा हुआ तब जाकर पति पत्नी की जान बची. इसी बीच हाथियों ने अनाज को चट कर दिया. उन्होंने कहा कि यदि कपड़े नही जलाते तो हाथियों से हमलोगों की जान नही बच पाती. ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का झुंड इन दिनों गांव के तालाब में रोज शाम को नहाने आता है.


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