लौहनगरी की फिजा में घुली तिलकुट की मिठास! दो महीने से गया के कारीगर कर रहे हैं तिलकुट तैयार

    लौहनगरी की फिजा में घुली तिलकुट की मिठास! दो महीने से गया के कारीगर कर रहे हैं तिलकुट तैयार

    जमशेदपुर(JAMSHDPUR):जमशेदपुर में मकर संक्रांति की धूम देखने को मिल रही है.त्यौहार जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे वैसे घर और बाजारों में गुड़ की सौंधी खुशबू फैल रही है.तिलकुट व  लाई की यह महक फिजा में घुल रही है.बाजारों में तिलकुट, लाई चूड़ा, गुड की खरीदारी करने के लिए लोग दुकानों में पहुंच रहे हैं. हर तरफ तिलकुट की दुकान सच चुकी है.वहीं तिलकुट बनाने के लिए गया से कारीगर जमशेदपुर महीनों  पहले ही पहुंच चुके हैं, लगभग 2 महीने तक जमशेदपुर शहर में रहकर विभिन्न दुकानों में कारीगर तिलकुट बनाते हैं और फिर वापस गया चले जाते हैं.

    गया के कारीगर दो महीने से कर रहे है मेहनत

     वहीं शहर के दुकानों में गुड़ के तिलकुट, चीनी के तिलकुट, मुड़ी लड्डू, बादाम पट्टी, खोवा की तिलकुट, तिल लड्डू से सजा हुआ है, और ग्राहक बाजारों मे अभी से खरीदारी कर रहे हैं.इधर गया से तिलकुट बनाने यहां पहुंचे कारीगरों का कहना है कि हम लोग गया से आए हैं, तिलकुट बनाने के लिए हम लोग 2 महीना यहां आते है, और रहकर दुकानों में तिलकुट बनाते हैं फिर वापस अपने गांव गया चले जाते हैं.

    खोवा के तिलकुट की है ज्यादा डिमांड

     वही दुकानों में ग्राहकों का कहना है कि मकर संक्रांति के दिन स्नान ध्यान दान का महत्व होता हैं.जिसमे तिल खाने और दान करने का महत्व होता है.वही दुकानदार का कहना है कि इस बार खोवा का तिलकुट बन रहा है, इस साल खोवा का तिलकुट की काफी डिमांड है.हालांकि खोवा के तिलकुट को आप ज्यादा दिनों तक घरों में नहीं रख सकते है.

    रिपोर्-रंजीत ओझा



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