झरिया की मिट्टी पूछ रही है पुलिस से , किसके पास है धनंजय यादव का मोबाइल ??

    झरिया की मिट्टी पूछ रही है पुलिस से , किसके पास है धनंजय यादव का मोबाइल ??

    धनबाद(DHANBAD):  झरिया के धनंजय यादव की हत्या को अब एक महीने पूरे होने वाले हैं. लेकिन कोयलांचल के तौर -तरीके से अलग हटकर हुए इस बहुचर्चित हत्याकांड में पुलिस के हाथ लगभग खाली है.  एक होटल संचालक को जेल भेज कर पुलिस भी शायद निश्चित बैठ गई है.  इस घटना का मुख्य आरोपी रामबाबू धिक्कार उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में कहीं छिपा हुआ है.  बात इतनी भर नहीं है, धनंजय यादव का मोबाइल भी हत्यारेअपने साथ लेते गए है.  यह मोबाइल कभी-कभी चालू हो रहा है और फिर बंद कर दिया जाता है.  

    लगातार बदल रहा है मोबाइल का लोकेशन 

    मोबाइल धारक का लोकेशन भी बदल रहा है. पुलिस रामबाबू धिक्कार  तक नहीं पहुंच पा रही है.  धनंजय यादव की हत्या कोई मामूली हत्या नहीं थी. जिस ढंग और तरीके से आधी रात के बाद उसकी बेरहमी से हत्या की गई, उसका  मकसद सिर्फ धनंजय को रास्ते से हटाना ही नहीं ,बल्कि इलाके पर दबदबा भी कायम  करना था.  अमूमन कोयलांचल में इस तरह हत्याएं होती नहीं है. आधी रात के बाद घर के दारवाजे  को बम से उड़ाकर  घटना को अंजाम देना, लोगों को सकते में  में डाल दिया है. उम्मीद की जा रही थी कि पुलिस इस घटना को बहुत ही गंभीरता के साथ लेगी  और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लोगों के मन में  बने भय के  माहौल को खत्म कर देगी.  लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं और मुख्य आरोपी झारखंड से दूर बैठकर तमाशा देख रहा है.  पुलिस जिस होटल संचालक को जेल  भेजी है, वह धनंजय यादव का दोस्त भी है और उसके होटल में वह हमेशा  आता -जाता था.  घटना के दिन भी वह होटल से ही घर गया था और हत्यारे घर पहुंच कर घटना को अंजाम दे दिया. 

    हटना के पीछे भी कोयला ही था 
     
    यह अलग बात है कि घटना के पीछे भी कोयला ही है.  हाईवा  से कोयला उतारने के लिए दबंगता की लड़ाई चलती रही है और इसी लड़ाई में धनंजय यादव की जान गई है.  सवाल उठता है कि धनंजय यादव का मोबाइल किसके पास है, कौन वह व्यक्ति है, जो लोकेशन बदल रहा है.  पुलिस रामबाबू धिक्कार  की गिरफ्तारी के लिए आगे जो भी करें लेकिन अगर वह हत्याकांड में शामिल था या वह मास्टरमाइंड है, तो उसकी गिरफ्तारी इसलिए भी जरूरी है कि इस घटना के बाद से लोगों के मन में जो अ सुरक्षा का भाव है, उसे खत्म करना पुलिस के लिए जरूरी है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  



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