धनबाद के बालू कारोबारी अब माफियागिरी की राह पर, बेधड़क दे रहे चुनौती


धनबाद(DHANBAD): धनबाद में बालू सोना हो गया है. और कारोबारी बालू से तेल निकालने में कानून की भी परवाह नहीं कर रहे हैं. उनकी ताकत इतनी अधिक बढ़ गई है कि छापेमारी करने जाने वाले अधिकारियों को भी बंधन बना ले रहे हैं. अभी से ही माफिया बनने की कोशिश करने वाले बालू कारोबारियों की आर्थिक ताकत को नहीं तोड़ा गया तो कोयला माफिया की तरह बालू माफिया भी सरकार और प्रशासन के लिए सिरदर्द बन जाएंगे. बालू कारोबारियों का 'मॉडस ऑपरेंडी' भी खतरनाक है. वह ऐसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं कि छापा डालने कोई अधिकारी या तो जाए नहीं और जाए तो इतनी पुलिस बल की व्यवस्था हो कि छापेमारी टीम को तैयारी करने में वक्त लगे और इसकी सूचना उन तह पहुंच जाये. ऐसा ही मामला शनिवार को गोविंदपुर के सबलपुर गांव में सामने आया है.
छापेमारी करने गए अधिकारी को बनाया बंधक
खान निरीक्षक राहुल कुमार के नेतृत्व में गोविंदपुर पुलिस बालू कारोबारी के परिसर में शुक्रवार को आधी रात के बाद छापेमारी कर बालू लदे सात हाईवा को जब्त किया. इस क्रम में घर की महिलाओं ने खान निरीक्षक को घेर लिया और उन्हें एक जगह बैठने को मजबूर कर दिया. पुलिस बल की संख्या कम थी ,इसलिए खान निरीक्षक भी जोर-जबरदस्ती करना उचित नहीं समझा. इसकी सूचना जब गोविंदपुर पुलिस को मिली तो थानेदार सहित पुलिस के अधिकारी जाकर उन्हें महिलाओं के चंगुल से मुक्त कराया. बालू कारोबारियों की ढिठाई सिर्फ इतनी ही नहीं थी. इसके आगे की कहानी और भी चौंकानेवाली है. खान निरीक्षक ने 2 दिन पहले हाईवा पकड़ा था. थाना परिसर और थाना के बाहर जीटी रोड के किनारे जगह नहीं रहने के कारण हाईवा को गोविंदपुर ऊपर बाजार स्थित एक यार्ड में रखा गया था.
जब्त हाईवा को भी नहीं छोड़ा
इसबीच किसी के नहीं रहने का फायदा उठाते हुए कारोबारी अपने तीन चार लोगों के साथ जाकर बालू लदे हाईवा को लेकर चला गया. बालू को खाली कराने के बाद हाईवा तो कहीं बाहर भेज दिया गया है. यह बात अलग है कि खान निरीक्षक ने इस घटना को काफी गंभीरता से लिया है और उन्होंने इस संबंध में गोविंदपुर थाने में कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है. अब देखना है कि इस मुकदमे का ह्रश्र क्या होता है. बालू करोबारियों का पंख तोड़ा जाता है या फिर आगे पुलिस की कार्रवाई ढीली पड़ जाती है.
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