आ गया गुलाबी ठंड का मौसम, रहिये सतर्क नहीं तो बिगड़ सकती ही सेहत 

    आ गया गुलाबी ठंड का मौसम, रहिये सतर्क नहीं तो बिगड़ सकती ही सेहत 

    धनबाद(DHANBAD): घरों के बाहर ब्लैंकेट, स्वेटर, मफलर, जैकेट सूखने लगे है.  मतलब ठंड ने दस्तक दे दी है.  अस्पताल में डॉक्टर के पास सर्दी, खांसी के मरीजों की संख्या अधिक पहुंच रही है.  मतलब सीजन बदल रहा है.  दुर्गा पूजा बीत गया, अब छठ  और दिवाली की तैयारी है.  रात में ठंड और सुबह और शाम भी ठंड का एहसास होने लगा है.  सड़कों पर लोग कम से कम गर्म कपड़े नहीं भी तो विंडचीटर में दिखने लगे है.  दो पहिया वाहन चलाने वाले तो शाम, सुबह और रात में जरूर विंडचीटर के साथ ही निकल रहे है.  देर रात को एक चादर की जरूरत महसूस हो रही है.  रविवार को न्यूनतम तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, वहीं अधिकतम तापमान 29.02 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया.  

    31 अक्टूबर से तापमान और गिरने का अनुमान 

    31 अक्टूबर से तापमान और धीरे-धीरे गिरने का अनुमान है.  वैसे मौसम विभाग ने अगले 4 दिन तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई है.   मौसम बदलने से घर में बीमारियां भी बढ़ गई है.  हर घर में सर्दी ,खांसी के मरीज मिल जा रहे है.  धनबाद में तो स्वेटर बेचने के लिए  तिब्बती भी पहुंच गए है.  सड़कों पर उन्हें देखकर एहसास होने लगता है कि जाड़ा  आने ही वाला है.  अमूमन धनबाद शहर के कई जगहों पर तिब्बती बाजार लगाते है.  इस मौसम को गुलाबी ठंड के नाम से जाना जाता है.  कुछ लोग इसे सुहाना मौसम भी कहते हैं, मगर चिकित्सकों की मानें तो यहीं मौसम सेहत के लिए ज्यादा खतरनाक होते है.

    इस मौसम अधिक सतर्क रहने की जरुरत 
     
     इसलिए इस मौसम में शरीर की बीमारियों से सुरक्षा के प्रति ज्यादा गंभीर व सतर्क रहने की जरूरत बताते है.  खासकर सुबह व शाम में तो ज्यादा सतर्कता होनी चाहिए.  मौसम में तेजी से परिवर्तन के दौरान बीमारी फैलाने वाले तत्व शरीर में ज्यादा सक्रिय हो जाते है.  खासकर, बुजुर्गो व बच्चों पर विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता होती है. इस गुलाबी ठंड के मौसम में सर्दी, खांसी, बुखार, डायरिया, उल्टी, बदन दर्द व सिर दर्द, इंफ्लुएंजा, चर्म रोग आदि बीमारी स्वस्थ शरीर को भी बीमार कर सकते है.  इस मौसम में खान-पान के साथ ही साफ-सफाई पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए.  साफ-सफाई नहीं होने की स्थिति में डेंगू भी फैल सकता है.  मच्छरों के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, कालाजार आदि बीमारियां हो सकती है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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