हिजाब विवाद में बिहार की सरगर्मी पहुंच गई  झारखंड,देखिये वर्तमान और पूर्व मंत्री कैसे हो गए आमने -सामने,अब आगे क्या!

    हिजाब विवाद में बिहार की सरगर्मी पहुंच गई  झारखंड,देखिये वर्तमान और पूर्व मंत्री कैसे हो गए आमने -सामने,अब आगे क्या!

    धनबाद(DHANBAD):  बिहार का हिजाब विवाद अब झारखंड पहुंच गया है. वैसे तो बिहार के हिजाब विवाद पर देश-विदेश में चर्चा चल रही है.  अब झारखंड में इसको लेकर भी राजनीति गरमा गई है.  सियासी हमले तेज हो गए है.  वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री आमने-सामने है.  स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी की घोषणा के बाद पूर्व स्वास्थ  मंत्री और उनके राजनीतिक  विरोधी भानु प्रताप शाही ने सवाल दागे है.  डॉक्टर इरफान अंसारी पर तेज हमला किया है.    इसकी चर्चा  झारखंड से लेकर बिहार तक  तेज है.   झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री की डॉक्टर नुसरत प्रवीण को नौकरी देने की घोषणा पर पूर्व  स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही ने डॉक्टर इरफान अंसारी पर बड़ा हमला बोल दिया है.  उन्होंने सोशल मीडिया एक्स  पर पोस्ट कर कहा है कि क्या  इरफान जी- नुसरत प्रवीण  को नौकरी किस  नियोजन नीति के तहत देने की घोषणा किए हैं, जवाब दीजिए! जिहादी मानसिकता से झारखंड नहीं चलेगी . 

    सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट किया है इरफान अंसारी ने 
     
    झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने  सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि बिहार में महिला डॉक्टर  नुसरत प्रवीण के साथ हुई अमानवीय और शर्मनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है. हिजाब खींचना सिर्फ एक महिला का नहीं, संविधान और इंसानियत का अपमान है. झारखंड के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में और स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के मानवीय निर्णय से यह साफ संदेश गया है, कि झारखंड में बेटियों और डॉक्टर के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने डॉक्टर नुसरत प्रवीण को झारखंड आने का न्योता दिया है. कहा है कि झारखंड में उस महिला डॉक्टर को तीन लाख महीने की सैलरी, सरकारी नौकरी, मनचाही पोस्टिंग, सरकारी फ्लैट, पूर्ण सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा .उन्होंने आगे कहा है कि यह नियुक्ति नहीं, सम्मान की जीत होगी. जहां अपमान था, वहां झारखंड ने इंसानियत की मिसाल पेश की है. 

    झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने नुसरत प्रवीण को बड़ा ऑफर दिया है 

    यानी  झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री ने  बड़ा ऑफर किया है. यह विवाद देश ही नहीं ,बल्कि विदेश तक भी गूंज रहा है .इस मामले को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोगों के निशाने पर हैं. बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद पूरे विश्व के पटल पर छा गए थे. वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में उनका नाम दर्ज हुआ. लेकिन एक बार फिर वह विवाद में फंसते दिख रहे हैं. स्थिति ऐसी है कि उनके लोग ही उनका बचाव करने में परेशानी महसूस कर रहे हैं .नीतीश कुमार पिछले कुछ समय से अजीबोगरीब हरकतों की वजह से विवादों में रह रहे हैं. पटना में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में हिजाब पहनी एक डॉक्टर जब मंच पर आई ,तो नीतीश कुमार ने एक हाथ से नियुक्ति पत्र पकड़ा और दूसरे हाथ से डॉक्टर का हिजाब नीचे खींच कर हटा दिया. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो खूब वायरल हुआ. 

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बचाव करने में जुटा  है एनडीए 

    मुख्यमंत्री के ऐसा  करने से महिला डॉक्टर थोड़ी असहज भी हुई. उस समय मंच पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे सहित अन्य मौजूद थे. सभी हंस रहे थे. जदयू के नेता नीतीश कुमार के इस व्यवहार को पितृ भाव का व्यवहार बताकर बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं. जबकि विरोधी और महिला कार्यकर्ता सवाल उठा रहे हैं. नीतीश कुमार की ऐसी हरकतें चुनाव के पहले भी कई बार दिखाई थी. कभी विधानसभा में महिला पुरुष के रिश्तों की बात कर भी वह काफी चर्चा में आए थे. यही वजह है कि लगातार उनकी सेहत पर सवाल उठ रहे हैं. जदयू नेता नीतीश कुमार के बचाव में पूरी तरह से उतर आए हैं .लेकिन उन्हें भी बचाव करने में परेशानी हो रही है. हालांकि इस मामले में सियासी बयानबाजी अभी जारी है. एनडीए नेता नीतीश कुमार के पक्ष में बयान दे रहे हैं तो विरोधी नीतीश कुमार को निशाने पर ले रहे हैं.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  



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