धनबाद में फुहड़ता की पराकाष्ठा : बार-बालाओं ने ठुमके लगाए तो माले समर्थक पैसे लुटाये, जानिए कहां हुआ था कार्यक्रम !

    धनबाद में फुहड़ता की पराकाष्ठा : बार-बालाओं ने ठुमके लगाए तो माले समर्थक पैसे लुटाये, जानिए कहां हुआ था कार्यक्रम !

    धनबाद(DHANBAD) : 2024 के विधानसभा चुनाव में धनबाद के 6 विधानसभा सीटों में से दो सीट भाकपा (माले ) के खाते में गई है. धनबाद में माले की ताकत बढ़ी है. लेकिन धनबाद की झरिया में 31 मई  की रात क्रांति दिवस कार्यक्रम में बार बालाओं के ठुमके ने क्रांति दिवस के कार्यक्रम की किरकिरी करा दी है. लोग तंज कस रहे है. पूछ रहे है कि यह सब क्या हो रहा, कैसे हो रहा. अब नेताओं को यह कहना पड़ रहा है कि आगे से ऐसा नहीं होगा, इसका ध्यान रखा जाएगा. हर साल 31 मई  को भाकपा माले क्रांति दिवस मनाती है. लोगों की भीड़ जुटती है. समर्थक पहुंचते है. और नेता क्रांति दिवस का माने-मतलब समझाते है. 

    31 मई  की रात झरिया के नुनूडीह में हुआ था कार्यक्रम 

    लेकिन 31 मई  की रात झरिया के नुनूडीह, गुरूदास चटर्जी मैदान में, जो कार्यक्रम आयोजित किया गया, वह माले के बड़े नेताओं को सफाई देने के लिए बाध्य कर दिया है. कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे. कार्यक्रम के शुरुआत में निरसा विधायक अरुप चटर्जी, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, आरा के सांसद राजाराम सिंह जैसे प्रमुख नेता मौजूद थे. इन नेताओं ने लोगों को संबोधित करते हुए क्रांति और श्रमिक अधिकारों पर बहुत कुछ कहा.  हालांकि रात होने पर नेता कार्यक्रम स्थल से चले गए. उसके बाद तो माहौल ही बदल गया.  सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर बार -बालाओं  के ठुमके लगने लगे. फुहड़ता परोसी जाने लगी. लोगों ने बार बालाओं पर पैसे खूब लुटाये.

    क्या कहा निरसा और सिंदरी विधायक ने 

    बार बालाओं के डांस के पहले कार्यक्रम में मौजूद निरसा विधायक अरूप  चटर्जी ने कहा कि कोयलांचल में मजदूरों की हालत बहुत खराब है. उनका शोषण हो रहा है. आउटसोर्सिंग कंपनियां लगातार उनका शोषण कर रही है. मजदूरों को सिर्फ लाल झंडा ही राहत दे सकता है और इसके लिए लाल झंडा लगातार प्रयासरत है.  वही सिंदरी विधायक ने कहा कि शिकागो में काम के घंटे को लेकर हुए विवाद के बाद से क्रांति दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई.  पूरे महीने क्रांति दिवस मनाया जाता है और महीने के अंतिम दिन बड़ा कार्यक्रम होता है.  उसी के तहत झरिया में यह कार्यक्रम कराया गया है. हालांकि, आधी रात के बाद सभी नेता कार्यक्रम से रवाना हो गए, जिसके बाद माहौल पूरी तरह से  बदल गया.  रात भर सांस्कृतिक कार्यक्रम की जगह बार बालाओं के ठुमकों ने ले ली.  डांस करने वाली बार-बालाओं पर लोगों ने खुलेआम पैसे लुटाए गए. फुहड़ता का प्रदर्शन किया गया. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो


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