सरकारी अस्पताल की लापरवाही से बच्ची की मौत, सतर्क रहते डॉक्टर तो बच सकती थी जान

    सरकारी अस्पताल की लापरवाही से बच्ची की मौत, सतर्क रहते डॉक्टर तो बच सकती थी जान

    बोकारो(BOKARO):सरकारी अस्पताल में लापरवाही से मौत होना कोई नई बात नहीं है. एक बार फिर से नावाडीह सरकारी अस्पताल के चिकित्सक की लापरवाही से गांव की रहने वाली 15 वर्षीय खुशबू चौधरी की बोकारो सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. गांव में सांप काटने के बाद खुशबू को नावाडीह सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया, लेकिन जहां खुशबू को सलाइन के जरिए एंटी स्नेक इंजेक्शन 5 देना था. वहीं सिर्फ एक इंजेक्शन देकर उसे सदर अस्पताल बोकारो रेफर कर दिया गया. सदर अस्पताल लाने के बाद चिकित्सकों ने उसे इंजेक्शन देकर बढ़ाने का प्रयास किया लेकिन उसकी मौत हो गई.

    अस्पताल की लापरवाही से हुई मौत

    परिजन नावाडीह स्थित अस्पताल में चिकित्सक की लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं. सदर अस्पताल के चिकित्सक ने कहा कि अगर समय से परिजन अस्पताल पहुंचे और प्रॉपर तरीके से सलाइन के जरिए इंजेक्शन नावाडीह में ही दे दिया जाता तो बच्ची की जान बच सकती थी.

    बताते चलें कि इसके पूर्व भी गोमिया सरकारी अस्पताल में एक सांप काटने के बाद मरीज को अस्पताल लाया गया था, जहां अस्पताल में इंजेक्शन नहीं देने के कारण मरीज की मौत हो गई.

    रिपोर्ट संजीव कुमार



    Related News