पैदल यात्रा पर निकले पूर्व विधायक ने कहा -1932 तो लागू करना ही होगा ,जानिए कहां कही यह बात 

    पैदल यात्रा पर निकले पूर्व विधायक ने कहा -1932 तो लागू करना ही होगा ,जानिए कहां कही यह बात

    धनबाद(DHANBAD) | सिल्ली  के पूर्व विधायक अमित महतो रविवार को धनबाद की झरिया में थे.  1932 खतियान के लिए पूरे प्रदेश में झारखंडी यों  को जागरूक कर रहे है. इसी क्रम में उन्होंने झरिया विधानसभा क्षेत्र में 2 1 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की.  उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार अगर 1932 की खतियान नीति लागू नहीं करती है, तो जनता सरकार की नींद हराम कर देगी. वह  जोडा पोखर में ग्रामीणों की सभा को संबोधित कर रहे थे.  इसके पहले उन्होंने झरिया विधानसभा क्षेत्र में 2 1 किलोमीटर पैदल यात्रा पूरी की.  पूर्व विधायक ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार भी रघुवर दास की सरकार की तरह काम कर रही है.  वर्तमान सरकार 1932 की बात तो करती है परंतु संविधान की 9वीं सूची में शामिल नहीं कराती.
     
    रघुवर दास की सरकार ने 1985 की नीति लाकर बहारियों को रोजगार दिया 
     
     रघुवर दास की सरकार ने 1985 की नीति के तहत बहारियों  को नियोजन दिया.  पूरे प्रदेश में झारखंडी को जागरूक किया जा रहा है.  पैदल यात्रा पूरी करने के बाद आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी.  बैठक में बोलते हुए लोगो  ने कहा कि सरकार का 60 - 40 का फार्मूला नहीं चलेगा.  बाहरी लोग रोजगार की तलाश में झारखंड में आए और अपने को  झारखंडी कहलाने लगे है.  मूल वासियों का हक मार रहे है.  हमारी खेती की जमीन लेकर पूंजीपति बन गए और अब हम लोगों को आंख दिखा रहे है.   बहुत सारे झारखंडी नेता जयचंद की भूमिका निभा रहे है.  फिलहाल झारखंड में अधिकारियों से सेटिंग कर खदान  चलाया जा रहा है. रैयतों को न्याय  नहीं मिल रहा है.  बैठक में अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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