हिजला मेला की तिथि में हुआ संशोधन, अब 20 फरवरी के बदले 13 फरवरी से शुरू होगा मेला


दुमका(DUMKA):डीसी अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में राजकीय जनजातीय हिजला मेला के आयोजन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेला को सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने को लेकर कई बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
हिजला मेला की तिथि में संशोधन
बैठक में निर्णय लिया गया कि पूर्व निर्धारित तिथि में संशोधन करते हुए अब राजकीय जनजातीय हिजला मेला का आयोजन 13 से 20 फरवरी तक किया जाएगा.पहले 20 फरवरी से 27 फरवरी तक मेला का आयोजन निर्धारित हुआ था। बताया जा रहा है कि नगर निकाय चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद राजकीय जनजातीय हिजला मेला की तिथि को संशोधित किया गया. डीसी ने सभी संबंधित विभागों को संशोधित तिथि के अनुसार आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया.
विधि व्यवस्था एवं मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा
बैठक के दौरान विधि व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, साफ सफाई, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधा, अग्निशमन एवं यातायात प्रबंधन से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया.
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
उपायुक्त ने बताया कि मेला के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र की पारंपरिक कला, संस्कृति एवं लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी.संबंधित विभागों को कार्यक्रमों के सुचारू संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
ऐतिहासिक है हिजला मेला
ज्ञात हो कि हिजला मेला दुमका का ऐतिहासिक मेला है जिसकी शुरुवात ब्रिटिश कालीन भारत में 1890 में शुरू हुआ था. समय के साथ हिजला मेला के साथ जनजातीय शब्द जुड़ा जिसे रघुवर दास की सरकार ने राजकीय मेला का दर्जा दिया.
रिपोर्ट-पंचम झा
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