"हिजड़ा" शब्द से उठे विवाद का पटाक्षेप ,रागनी सिंह ने खेद जताया ,जानिए क्यों हुआ था विवाद 

    "हिजड़ा" शब्द से उठे विवाद का पटाक्षेप ,रागनी सिंह ने खेद जताया ,जानिए क्यों हुआ था विवाद

    धनबाद(DHANBAD) | "हिजड़ा" शब्द अब प्रचलन में नहीं है.  सरकार ने थर्ड जेंडर का अधिकार दिया है और लोग इज्जत से अब हमें  किन्नर कहते है.  अगर अब कोई "हिजड़ा"  शब्द का प्रयोग करता है तो उस के खिलाफ आंदोलन होगा.  कल तक  किन्नर समाज भाजपा नेत्री रागिनी सिंह से नाराज था.  रागिनी सिंह ने चास नाला में ट्रांसपोर्टर प्रवीण राय की हत्या के बाद आक्रोश में इलाके के एक पुलिस अधिकारी  को "हिजड़ा" शब्द से  संबोधित कर दिया था.  इसके बाद यह विवाद खड़ा हुआ, लेकिन रागिनी सिंह ने अपनी बात को वापस लेते हुए खेद  व्यक्त कर दिया है.  रागिनी सिंह ने कहा है कि मुझे दुख है कि मेरे द्वारा आक्रोश में कही गई बात से किन्नर समाज की भावना को ठेस पहुंचा है.  मैं इसके लिए खेद व्यक्त करती हू . 

    किसी की भावना को ठेस पहुंचाना उद्देश्य नहीं था 

     मेरा उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं था.  अगर अनजाने में किन्नर समाज की भावना को ठेस पहुंची  है तो इसके लिए मैं खेद व्यक्त करती हूं तथा अपने शब्द को वापस लेती हूं , मैंने हमेशा से किन्नर समाज का आदर और सम्मान किया है. उनका स्नेह और आशीर्वाद सदैव रहा है.  झरिया के चासनाला में जिस प्रकार ट्रांसपोर्टर प्रवीण राय   की हत्या हुई, वह किसी को भी आक्रोशित कर सकती है. दिनदहाड़े गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई और आज चार-पांच दिन बाद भी पुलिस अनुसंधान के नाम पर पानी पीट रही है.  पुलिस ने इस संबंध में कई लोगों को उठाया तो जरूर है लेकिन कोई सुराग अभी तक सामने नहीं आया है.  इस मामले में पुलिस केवल नामजद प्राथमिकी दर्ज तक  अपने को सीमित कर रखी है.  वैसे अनुसंधान के लिए कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.  ट्रांसपोर्टर की हत्या ने इलाके के लोगों को बेचैन कर दिया है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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