दुमका में सीनियर अधिवक्ता की पत्नी का बाथरूम में जला हुआ शव बरामद, इलाके में मचा हड़कंप


दुमका (DUMKA) : दुमका से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है. दुमका कोर्ट के सीनियर अधिवक्ता संजीव कुमार गोराई की 53 वर्षीय पत्नी नमिता गोराई ने दर्दनाक तरीके से आत्महत्या कर ली. उन्होंने अपने शरीर पर केरोसिन डालकर बाथरूम में खुद को आग लगा ली. यह घटना गुरुवार की सुबह करीब 1 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है. मामला दुधानी–रसिकपुर बाइपास रोड स्थित बगनोचा मुहल्ले के उनके पैतृक घर का है.
त्वचा रोग से पीड़ित थी नमिता गोराई
बताया जा रहा है कि नमिता गोराई लंबे समय से त्वचा रोग से पीड़ित थीं. उनका इलाज दुमका और आसनसोल में कराया गया, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हुआ. इसके बाद उनका इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा था और एक सप्ताह बाद फिर से एम्स जाने की योजना थी. इसी बीच उन्होंने यह कदम उठा लिया.
घटना के समय मौजूद थी अधिवक्ता की मां
घटना के समय घर में अधिवक्ता की बुजुर्ग मां मौजूद थीं, जो अपने कमरे में सो रही थीं. संजीव गोराई रोज की तरह सुबह करीब 11 बजे कोर्ट के लिए निकल गए थे. घर में उनका छोटा भाई भी रहता है, जो किसी काम से बाजार गया हुआ था. जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता का एक बेटा है, जो बनारस में एमटेक की पढ़ाई पूरी कर रहा है. छोटे भाई की शादी हो चुकी है, लेकिन उनकी पत्नी फिलहाल मायके में रहती है. संजीव गोराई तीन भाइयों में मंझले हैं. उनके बड़े भाई होम्योपैथिक डॉक्टर हैं और काठीकुंड में प्रैक्टिस करते हैं, जहां वे अपने परिवार के साथ रहते हैं.
परिवार में किसी तरह का नहीं था विवाद
अधिवक्ता संजीव गोराई का कहना है कि परिवार में किसी तरह का कोई विवाद नहीं था. घर से निकलने से पहले उनकी पत्नी ने नाश्ता बनाकर उन्हें दिया था. दोपहर करीब ढाई बजे जब छोटा भाई घर लौटा तो देखा कि भाभी काफी देर से बाथरूम से बाहर नहीं आई हैं.
शक होने पर तोड़ा गया बाथरूम का दरवाजा
अधिवक्ता के भाई को संदेह हुआ. बाहर जलने की बदबू भी आ रही थी. बाथरुम के दरवाजे को तोड़ा तो देखा कि भाभी पूरी तरह से जली हुई है. उनकी मौत भी हो चुकी है. यह देख भाई स्तब्ध रह गए और शोर मचाकर लोगों को बुलाया. आसपास के लोग तुरंत अधिवक्ता के घर आए. भाई ने अपने बड़े भाई को तुरंत फोन किया, पर काफी देर तक संजीव गोराई ने फोन रीसिव नहीं किया. अधिवक्ता काम में व्यस्त थे. इस वजह से भाई का फोन रीसिव नहीं कर पाए थे. वे काफी देर के बाद फोन रीसिव किए. फोन में भाई ने कुछ नहीं बताया कहा कि जल्द से जल्द घर आ जाए. वे दौड़े भागे घर आए तो देखा कि उनकी पत्नी मृत पड़ी हुई है. यह देखकर वे नर्वस हो गए.
आसपास के लोगों ने तुरंत नगर थाना की पुलिस को सूचित किया. नगर थाना प्रभारी जगनाथ धान अधिवक्ता के घर पहुंचे और जांच पड़ताल करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए दुमका पीजेएमसीएच भेज दिया. शाम होने की वजह से शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था. घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ अधिवक्ता के घर पर जुट गई थी. पुलिस आज यानी शुक्रवार को अधिवक्ता का बयान दर्ज करेगी.
रिपोर्ट-पंचम झा
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