रांची (RANCHI): राजधानी रांची में ट्रैफिक व्यवस्था को हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. अब बड़े महानगरों की तर्ज पर रांची में भी ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है. इस नई तकनीक के जरिए बिना पुलिसकर्मी की मौजूदगी के ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान कर तुरंत चालान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. रांची ट्रैफिक पुलिस ने इसके लिए परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है और विभाग ने भी सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
दरअसल, राजधानी में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालान तो लगातार काटे जा रहे हैं, लेकिन जुर्माने की राशि वसूलना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है. पिछले पांच वर्षों में रांची में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर करीब 225 करोड़ रुपये के चालान जारी किए गए, लेकिन इनमें से केवल 30 से 40 करोड़ रुपये ही जमा हो सके हैं. अब भी लगभग 190 करोड़ रुपये बकाया हैं.
इसी समस्या से निपटने के लिए ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू करने की योजना बनाई जा रही है. यह एक आधुनिक डिजिटल निगरानी प्रणाली है, जिसे परिवहन विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है. देश के कई बड़े शहरों में इसका सफल उपयोग किया जा रहा है. इस तकनीक में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों का इस्तेमाल होता है. सड़क पर जैसे ही कोई वाहन गुजरता है, कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन कर लेता है. इसके बाद सिस्टम वाहन से जुड़ी पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिखा देता है. इसमें वाहन का बीमा, फिटनेस सर्टिफिकेट, पेंडिंग चालान और अन्य जरूरी दस्तावेजों की स्थिति तुरंत सामने आ जाती है.
रांची ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने बताया कि कई शहरों में स्टार्टअप कंपनियों के सहयोग से LED स्क्रीन पर पेंडिंग चालान की जानकारी भी प्रदर्शित की जाती है. इसी मॉडल को रांची में लागू करने की तैयारी चल रही है ताकि बकाया चालानों की वसूली आसान हो सके.राजधानी में बिना हेलमेट, ओवरस्पीड, ट्रिपल राइडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव, सीट बेल्ट नहीं लगाने, रेड लाइट जंप और नो पार्किंग जैसे मामलों में लगातार चालान काटे जा रहे हैं. अब ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू होने के बाद ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर और सख्ती बढ़ने की संभावना है.

