धनबाद के स्कूलों का सुझाव: बच्चों को मोबाइल लत से बचाइए,मैदान में खेलवाइए, नहीं तो होगी बड़ी परेशानी


धनबाद(DHANBAD): बच्चों को मोबाइल की लत से बचाइए.यह अब गंभीर समस्या हो गई है.बच्चों के हाथ में मोबाइल उनके लिए और उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो गया है. कोरोना काल में लंबे समय तक बच्चों की पढ़ाई मोबाइल फोन के माध्यम से हुई. ऑनलाइन पढ़ाई का प्रचलन बढ़ा लेकिन अब तो यह सब बंद हो गया है. परंतु बच्चों के लिए जरूरी सूचनाएं अभी भी मोबाइल पर भेजी जा रही है. इस कारण स्कूली बच्चों की मोबाइल फोन की लत छूट नहीं रही है. अब स्कूल की ओर से ही यह लत छुड़ाने की कोशिश शुरू की गई ह.
धनबाद के अधिकतर स्कूलों ने बच्चों के मोबाइल लाने पर लगाई गई रोक
धनबाद में यह पहल डी नोबिली, सीएमआरआई की ओर से शुरू की गई है. स्कूल में ओपन डे पर अभिभावकों को बुलाकर कहा जा रहा है कि बच्चों को मोबाइल नहीं दें. स्कूल से मोबाइल पर पढ़ाई से संबंधित कोई भी सूचना अब नहीं दी जाएगी. प्रतिदिन डायरी देखें. डायरी में सारी सूचनाएं उपलब्ध मिलेगी. अभिभावकों से कहा गया है कि बच्चों को मोबाइल का चस्का लगने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है. धनबाद के अधिकतर स्कूलों ने बच्चों के मोबाइल लाने पर रोक लगा दी है. अभिभावकों से अपील की जा रही है कि बच्चों पर नजर रखें. अधिक मोबाइल का उपयोग करने नहीं दें. हर हाल में बच्चों को मोबाइल की लत छुड़ाएं. बच्चों को खेलने के लिए आसपास के मैदान में ले जाएं. स्कूल की प्राचार्या ने कहा है कि मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए पहल की गई है. अभिभावकों से भी सहयोग मांगा गया है .अब बच्चों की डायरी में ही स्कूल और क्लास से संबंधित सारी सूचनाएं रहेंगी. ओपन डे व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है ताकि अभिभावक और टीचर खुलकर एक दूसरे से बात कर सके.
मोबाइल बच्चों के लिए बना परेशानी
बहर हाल जो भी हो, मोबाइल बच्चों के लिए परेशानी तो बन ही गया है. डॉक्टरों के पास आंख के मरीज बढ़ रहे हैं. अभिभावक भी अपनी परेशानी से बचने के लिए बच्चों के हाथ में मोबाइल पकड़ा देते हैं .और फिर बच्चे मोबाइल में मस्त हो जाते हैं. कई तो बच्चे ऐसे हैं जो बिना मोबाइल देखे खाना तक नहीं खाते. इसका दूरगामी प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. अब धनबाद के स्कूलों में पहल शुरू की गई है तो इस पहल को सहयोग मिलना चाहिए.
रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो
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