सख्त आदेश: अब कोल कंपनियों के सीएमडी को रोकना होगा कोयला चोरी और अवैध खनन, पढ़िए क्यों 

    सख्त आदेश: अब कोल कंपनियों के सीएमडी को रोकना होगा कोयला चोरी और अवैध खनन, पढ़िए क्यों

    धनबाद(DHANBAD):  कोल इंडिया की  अनुषंगी  इकाइयों में अगर कोयला चोरी हुई,अवैध खनन हुआ  तो अब सीधे  तौर पर कंपनी के अध्यक्ष सह  प्रबंध निदेशक जिम्मेवार होंगे.  कोयले के  अवैध खनन एवं चोरी को लेकर कोयला सचिव अमृतलाल मीणा ने कोयला कंपनियों को एक कड़ी चिट्ठी लिखी है. वैसे तो सभी कोयला कंपनियों को एक चिट्ठी लिखी गई है, लेकिन झारखंड को लेकर विशेष इंस्ट्रक्शन है.  कहा गया है कि झारखंड के मुख्य सचिव एवं डीजीपी के साथ लगातार बैठक करे.  स्टेट इंडस्ट्रियल फोर्स एवं जैप  जवानों की तैनाती अवैध खनन क्षेत्र एवं मैगजीन हाउस पर  करने का अनुरोध करे.  पत्र में यह भी कहा गया है कि मुकम्मल सुरक्षाकर्मियों की तैनाती एवं इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सहित इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के उपयोग के बावजूद कोयला चोरी एवं अवैध खनन पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है.  अब अनुषंगी कंपनियों के सीएमडी इसके लिए जवाब देह  होंगे. 

     जानकारी के अनुसार 18 अप्रैल को कोयला सचिव ने कोल इंडिया चेयरमैन एवं अनुषंगी  कंपनियों के सीएमडी के साथ अवैध खनन को लेकर बैठक की थी.  उसके बाद 22 अप्रैल को कोल्  इंडिया चेयरमैन एवं अनुषंगी  कंपनियों के सीएमडी  को पत्र लिखा गया है.  पत्र में झारखंड को विशेष फोकस पर रखा गया है.  राज्य सरकार के अधिकारियों को भरोसे में लेकर नियमित कार्रवाई होनी चाहिए.  कोयला चोरी और अवैध खनन रोकने के लिए हर जरूरी उपाय किए जाने चाहिए. जो भी हो, धनबाद कोयलांचल भी कोयला चोरी के लिए और अवैध उत्खनन के लिए कुख्यात रहा है.  कोयला सचिव तो कई बार धनबाद के दौरे पर भी आए थे.  उन्होंने यहां के हाल  को नंगी आंखों से देखा था.  यह  अलग बात है कि निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन उस पर अमल नहीं किया जाता.  नतीजा है कि कोयला कंपनियों में अवैध  खनन और कोयला चोरी बेधड़क चलता रहता है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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