पाकुड़ के पत्थर व्यवसायियों ने किया पंकज मिश्रा के साथ साहिबगंज में बैठक, 16 जनवरी से रैक लोडिंग ठप करने का ऐलान, रेलवे विभाग की बढ़ी चिंता


साहिबगंज (SAHIBGANJ) : पाकुड़ और साहिबगंज जिले में रेल विकास की मांग को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने 16 जनवरी से साहिबगंज और पाकुड़ से रैक लोडिंग के माध्यम से होने वाली पत्थर ढुलाई पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन जनता की मांग पर आधारित है और इसमें पत्थर व्यवसायियों का पूरा समर्थन प्राप्त है. जब तक रेल विकास से जुड़ी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा.
इसी क्रम में 5 जनवरी को पाकुड़ जिले के पत्थर व्यवसायियों के साथ पंकज मिश्रा ने अपने कार्यालय में एक विशेष बैठक की. बैठक में सर्वसम्मति से रेल विकास के मुद्दे पर आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया गया. पत्थर व्यवसायियों ने कहा कि वर्षों बाद संथाल परगना को ऐसा नेतृत्व मिला है, जो निजी स्वार्थ और दलगत भावना से ऊपर उठकर क्षेत्र की आवाज बनकर खड़ा हुआ है.
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पत्थरों की ढुलाई के लिए रैक लोडिंग बंद की जाएगी और 5 जनवरी से ही इंडेंट लगाना बंद कर दिया जाएगा. इस संबंध में रेलवे के वरीय पदाधिकारियों को सूचना भी दी जाएगी. इससे पहले 23 दिसंबर को साहिबगंज में भी पंकज मिश्रा ने पत्थर व्यवसायियों के साथ बैठक की थी, जिसमें साहिबगंज के व्यवसायियों ने भी एक स्वर में शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन किया था. पंकज मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन न तो व्यक्तिगत है और न ही किसी पार्टी विशेष के लिए, बल्कि जनता की मांगों को लेकर है. उन्होंने कहा कि साहिबगंज और पाकुड़ से रैक लोडिंग के जरिए रेलवे को प्रतिदिन लगभग 10 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, इसके बावजूद इन जिलों की रेलवे लगातार उपेक्षा कर रही है. रेलवे यहां से लाभ तो ले रही है, लेकिन विकास अन्य जिलों को दे रही है.
झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से मालदा रेल डिवीजन के डीआरएम को दिए गए ज्ञापन में साहिबगंज में पूर्वी और पश्चिमी रेलवे गेट पर आरओबी निर्माण, भागलपुर से चलने वाली ट्रेनों का विस्तार साहिबगंज तक करने, कोरोना के नाम पर बंद अपर इंडिया एक्सप्रेस को पुनः चालू करने, दिल्ली के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, साहिबगंज-हावड़ा इंटरसिटी में एसी कोच, वनांचल एक्सप्रेस में एसी फर्स्ट क्लास, तथा बेंगलुरु, सूरत और मुंबई के लिए सीधी ट्रेन सेवा की मांग शामिल है.
वहीं पाकुड़ के लिए पटना और दिल्ली तक सीधी ट्रेन सेवा, शताब्दी एक्सप्रेस, वंदे भारत सहित प्रमुख ट्रेनों का ठहराव पाकुड़ स्टेशन पर देने की मांग की गई है. पंकज मिश्रा ने कहा कि यदि जनता और पत्थर व्यवसायियों का सहयोग इसी तरह बना रहा तो मार्च-अप्रैल तक रेलवे को रेल विकास से जुड़ी योजनाओं को हर हाल में धरातल पर उतारना होगा.
रिपोर्ट: गोविंद ठाकुर
4+