बिहार मंत्रिमंडल की खास बात: यह सब नीतीश बाबू की उदारता है या भाजपा की कोई बड़ी जिद अथवा कोई संकेत!

    बिहार मंत्रिमंडल की खास बात: यह सब नीतीश बाबू की उदारता है या भाजपा की कोई बड़ी जिद अथवा कोई संकेत!

    धनबाद(DHANBAD): बिहार के  चुनाव प्रचार से लेकर चुनाव परिणाम तक अप्रत्याशित  रहा.  लेकिन सरकार बनने के बाद भी कुछ ऐसा हो रहा है, जिससे लग रहा है कि आगे कुछ ना कुछ, नया होने वाला है.  बिहार में मंत्रिमंडल गठन के बाद सबसे खास बात यह रही  कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह विभाग को छोड़ दिया है.  यह  अलग बात है कि वित्त, वाणिज्य कर विभाग जदयू  के पास आ गया है.  इधर , नीतीश कुमार के गृह मंत्रालय के छोड़े जाने के बाद कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है.  लोग बताते हैं कि 2005 के बाद बिहार की सत्ता में इस बार बड़ा परिवर्तन दिख रहा है.  2005 के बाद से लगातार गृह विभाग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास था.  लेकिन हालिया विभाग  बंटवारे में यह महत्वपूर्ण विभाग भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी के पास चला गया है.  एनडीए गठबंधन में भाजपा ने 89 सीट  जीती है, जबकि 85 सीट जदयू के खाते में आई है. 

    लालू राज को खत्म कर नीतीश कुमार नवंबर 2005 में सत्ता में आये थे 

     सवाल किये  जा रहे हैं कि गृह मंत्रालय का पद छोड़ना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उदारता है, भाजपा की जिद  है या बिहार में भविष्य की राजनीति का कोई बड़ा संकेत है.  बिहार में लालू राज को खत्म कर नीतीश कुमार नवंबर 2005 में सत्ता में आये.  उसके बाद लगातार 20 साल तक गृह विभाग उनके पास था.  लालू राज के  जंगलराज की बात हमेशा होती रहती है.  नीतीश कुमार ने राज्य में कानून -व्यवस्था स्थापित कर दहशत के उस दौर  को समाप्त किया था. अपराध पर नकेल कसी थी.  फास्ट ट्रैक कोर्ट बने थे.  पुलिस को खुली छूट दी थी.  बिहार के अपराधियों में भय  कायम किया था. फिर तो नीतीश कुमार सुशासन बाबू कहे जाने लगे थे.  यह  अलग बात है कि जदयू कोटे से गृह विभाग गया  है, तो वित्त वाणिज्य कर विभाग जदयू के विजेंद्र प्रसाद यादव के पास आया  है. 

    सम्राट चौधरी का विभाग कैसे चला गया जदयू के खाते  में 
     
    यानी पिछली बार सम्राट चौधरी के पास जो विभाग था, वह विजेंद्र प्रसाद यादव के पास आ  गया है.  यह अलग बात है कि चुनाव के पहले भी बिहार में अपराधियों ने विधि व्यवस्था को चुनौती दी थी.  अब तो नई सरकार बन गई है.  सम्राट चौधरी पर कानून- व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेवारी होगी.  नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी नई सरकार का स्वरूप बदला- बदला नजर आ रहा है.  सम्राट चौधरी की प्रोन्नति हुई है.  जदयू ने 20 वर्ष में पहली बार सबसे ताकतवर माने जाने वाला गृह विभाग भाजपा को दे दिया है और सम्राट चौधरी बिहार के गृह मंत्री बने है.  तो क्या सचमुच भाजपा सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनाएगी? 

    गृह मंत्री अमित शाह ने चुनावी सभा में सम्राट चौधरी को ले क्या कहा था 

    गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान तारापुर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि आप लोग सम्राट चौधरी को जिताइए, उन्हें बड़ा आदमी बनाया जाएगा.  लोग यह भी  कह रहे हैं कि भाजपा  दिवंगत नेता सुशील कुमार मोदी लंबे समय तक डिप्टी सीएम रहे, लेकिन वह वित्त मंत्री तक भी नहीं पहुंच सके थे.  नीतीश कुमार और सुशील मोदी की जोड़ी हिट थी.  फिर भी उन्हें कभी गृह मंत्रालय नहीं मिला.  यह  अलग बात है कि सुशील मोदी के निधन के बाद बिहार में भाजपा को अभी भी बड़े चेहरे की तलाश है.  यह अलग बात है कि भाजपा उन्हें बिहार की राजनीति से हटाकर  राज्यसभा का सदस्य बना दिया था.  एक समय तो सम्राट चौधरी नीतीश कुमार के घोर विरोधी थे.  कहा करते थे कि जब तक नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के पद से नहीं हटाएंगे, तब तक मुरेठा  नहीं खोलेंगे, लेकिन उनका यह कथन सच साबित नहीं हुआ.  अब तो वह नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में गृह मंत्री बन गए है.
     
    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो


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