मजदूर का बेटा बना आईआईटियन, परिजन और गांव वाले गद-गद


पलामू (PALAMU): कहते है सफलता कह कर नहीं आती. और न ही मेहनत करने वालों की कभी हार होती है. हैदरनगर के कुकही गांव के एक युवक की कहानी ऐसी ही है. युवक का नाम है नीतीश कुमार. पिता का नाम है योगेंद्र राम. नीतीश को बचपन से ही पढ़ने-लिखने में रुचि थी. हमेशा पढ़ाई में अव्वल भी रहे. वह मेहनत करता रहा, और उसके पिता मजदूरी कर उसे पढ़ाते रहे. इस साल नीतीश ने कमाल कर दिखाया है. उसने आईआईटी-जेईई मेंस 2022 की परीक्षा में 90.11% अंक हासिल किया है. यह खबर सुनकर उसके परिजन के साथ-साथ सभी गांव वाले बड़े ही खुश हैं.
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गांव के लिए करना चाहते हैं कुछ बड़ा
नीतीश ने यह मुकाम हासिल कर अपने गांव का मान बढ़ाया है. नीतीश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता- पिता को देते हुए कहा “मैं एक मजदूर फैमली से विलोंग करता हूं, मेरे पिता अन्य राज्यों में जाकर प्लांट में मजदूरी का काम करते हैं. वहीं मां गृहणी हैं. मेरे पास बाहर पढ़ने की क्षमता नहीं थी, लेकिन मां के आशीर्वाद और पिता के मेहनत से मुझे जितना भी संसाधन मिल पाया, उसमें रहकर ही कड़ी मेहनत की और मैं इस कठिन परीक्षा में 90.11% ला पाया”. नीतीश कुछ बन कर अपने जैसे ज़रूरत मंद और गरीब घरों के बच्चों के साथ-साथ अपने गांव के लिए भी कुछ करना चाहते है. इनकी सफलता पर प्रखण्ड प्रमुख कलावती देवी ,पंचायत समिति राजीव कुमार शर्मा मुखिया रेणु देवी वार्ड सदस्य रविशंकर राम समेत गांव के गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई दी है.
रिपोर्ट: एसके चंदेल, हुसैनाबाद/ पलामू
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