क्या प्रिंस खान गिरोह में निजी बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी भी थे? जानिए

    क्या प्रिंस खान गिरोह में निजी बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी भी थे? जानिए

    धनबाद(DHANBAD):  तो क्या प्रिंस खान गिरोह में निजी बैंक के आउटसोर्स कर्मचारी भी है ? भूली के रहने वाले विशाल नंदी की गिरफ्तारी से यह सवाल बड़ा हो चला है. वह एक निजी बैंक का कर्मचारी बताया जाता है. इधर , प्रिंस खान गैंग के खिलाफ पुलिस  ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है.  कई लोगों को उठाकर अभी भी पूछताछ  चल रही है.  जानकारी मिली है कि प्रिंस खान गैंग के रंगदारी के पैसे का  मैनेजमेंट करने वाला भूली का विशाल नंदी  भी पुलिस के हाथ लग गया है.  इसके अलावे भी कई लड़कों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.  पिछले चार-पांच दिनों में पुलिस और एटीएस ने प्रिंस खान के लगभग 10 लड़कों को जेल भेजा है.  इसमें दीपक  अग्रवाल पर फायरिंग करने वाला मोहम्मद छोटू भी शामिल है. 
     
    जेल भेजे गए अपराधियों की  स्वीकारोक्ति पर काम कर रही पुलिस 
     
    जेल भेजे गए अपराधियों की  स्वीकारोक्ति के आधार पर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.  पुलिस लंबे समय से  विशाल नंदी की तलाश कर रही थी.  जेल भेजे गए प्रिंस खान के गुर्गो  ने पुलिस को सारी डिटेल्स बता दिए थे.  विशाल नंदी की भूमिका की जानकारी पुलिस को जेल गए गुर्गो ने ही दी थी. विशाल नंदी को  बैंकिंग की अच्छी जानकारी है.इसके पहले कुछ साइबर कैफे चलाने वाले भी पकड़ में आये थे.  राजीव कुमार साव नामक युवक भी पकड़ में आया है. उसके बारे में भी   जेल गए लड़कों ने ठोस जानकारी दी थी.  जिन लड़कों से पूछताछ हो रही है, उनके पास से हथियार भी बरामद किए जाने की खबर है.  यह बात भी सच है कि प्रिंस खान गैंग धनबाद में अपना मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया था. 

    गैंग में सिर्फ अपराधी ही नहीं,सफेदपोश भी है
     
    उसके गैंग में सिर्फ अपराधी ही नहीं है, बल्कि सफेदपोश भी है.  कोई उनका फंड मैनेज करता है, तो कोई गैंग के लिए पैसा तसीलता है.  तो फिर  कुछ लोग इस पैसे  को प्रिंस खान तक पहुंचाने  की भूमिका में काम करते है.  बरहाल पुलिस प्रिंस खान गैंग के पीछे हाथ धोकर पड़ी हुई है.  धनबाद के कारोबारियों  को सुरक्षा की गारंटी देने के बाद जिला और पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है.  लगातार छापेमारी की जा रही है.  बैंक मोड़ इलाके में पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है.  बैरिकेडिंग लगाकर भी जांच की जा रही है.  बावजूद रविवार को पुटकी  में एक, धनबाद सदर थाने में दो और सरायढेला  थाना के इलाकों में  चेन  छीनने की घटनाएं हुई है.  इन घटनाओं से पुलिस की किरकिरी हो रही है.  आखिर पुलिस की जांच जब तेज गति से चल रही है तो अपराधी इलाके में घुसने का साहस कैसे कर रहे है.  यह बड़ा सवाल बनकर सामने आया है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  



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