धनबाद में हथियारों की खरीद -बिक्री सप्लाई में कई गैंग सक्रिय, जानिए क्यों उठ रहे ये सवाल  

    धनबाद में हथियारों की खरीद -बिक्री सप्लाई में कई गैंग सक्रिय, जानिए क्यों उठ रहे ये सवाल

    धनबाद(DHANBAD): तो क्या धनबाद में हथियारों की  खरीद -बिक्री,सप्लाई  में कई गैंग सक्रिय हैं? बाहर से हथियार मंगा कर यहां बेचने के काम में कम  उम्र के लड़के लगे हुए है? सवाल इसलिए उठ रहे है कि लगातार इस तरह के खुलासे हो रहे हैं. धनबाद पुलिस जब प्रिंस खान गैंग के "स्लीपर सेल" विकास सिंह को गिरफ्तार किया तो भी यह खुलासा हुआ था कि मुंगेर से हथियार मंगा कर विकास सिंह अपराधियों तक पहुंचाता  था.  इधर, धनबाद पुलिस ने आदित्य प्रताप सिंह और अनुज कुमार शर्मा को भी हथियार की खरीद -बिक्री के आरोप में जेल भेजा है.  दोनों ने पुलिस को बताया कि वह लोग हथियार खरीदने और बेचने का काम करते थे.  आदित्य प्रताप सिंह ने आरा से बेचने के लिए पिस्टल मंगाई थी. पहले अन्य के साथ अनुज कुमार शर्मा चेकिंग के क्रम में पकड़ा गया था.  बाद में अनुज की निशानदेही पर पुलिस ने आदित्य को पकड़ा. 

    चार लड़के पकड़ाए थे, दो को पूछताछ के बाद छोड़ा गया 

    पुलिस इस मामले में तीसरे साथी की तलाश कर रही है.  वैसे, पुलिस ने कुल चार लड़कों को पकड़ा था लेकिन दो की कोई भूमिका नहीं मिलने पर उन्हें पुलिस ने बांड  भरवाकर छोड़ दिया.  लेकिन आदित्य प्रताप सिंह और अनुज कुमार शर्मा को जेल भेज दिया गया है. आदित्य प्रताप सिंह भुईफोड़ का  रहने वाला है जबकि अनुज कुमार शर्मा बिशनपुर का निवासी है.  इधर, प्रिंस खान गिरोह से वास्ता रखने के संदेह में हथियार के साथ पकड़े गए धनबाद के कनकनी  निवासी रवि चौहान को भी आर्म्स एक्ट तहत जेल भेज दिया गया है.  एटीएस ने रवि चौहान को चंदनकियारी  से पकड़ा था. लोयाबाद थाने में रवि चौहान के खिलाफ आर्म्स एक्ट के नए मामले दर्ज किए गए है.  वह पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो और बाघमारा विधायक ढुल्लू  महतो के समर्थकों के बीच हुई झड़प मामले में केंदुआडीह  थाने में दर्ज मामले में फरार था.  हो सकता है कि पुलिस उसे जल्द रिमांड पर ले और प्रिंस खान गिरोह से रवि चौहान के संबंध में पूछताछ करे.  जो भी हो, पुलिस सतर्क है और हर एक सूचना की गहराई तक जाकर छानबीन कर रही है.  यह  बात तो सच है कि थोड़ी सी लालच में नए-नए लड़के, पढ़ने वाले लड़के अपराध के दलदल में फंस रहे हैं और यह धनबाद के लिए घातक है.  उनके परिवार वालों के लिए भी यह खतरे की घंटी है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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