सनसनीखेज बोकारो मर्डर कांड: वर्दी पर लगे इस दाग को कैसे मिटाएगी झारखंड पुलिस ,क्यों करना पड़ा एकसाथ 28 को निलंबित !

    Dhanbad, Jharkhand
    सनसनीखेज बोकारो मर्डर कांड: वर्दी पर लगे इस दाग को कैसे मिटाएगी झारखंड पुलिस ,क्यों करना पड़ा एकसाथ 28 को निलंबित !

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड के पिंड्राजोरा थाना के अधिकारियो -कर्मियों की करतूत ने झारखंड पुलिस की क्रियाकलापों पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. बता दे कि  बोकारो से एक सनसनीखेज  और रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले का खुलासा हुआ है.  पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा सवाल पैदा हुआ है.  वर्दी पर भी बड़ा दाग लगा है और शायद यही वजह है कि एक थाना के 28 पुलिस अधिकारी और कर्मियों को एक साथ निलंबित किया गया है.  झारखंड के इतिहास में यह पहला मामला है, इस कांड के उद्भेदन  के साथ ही पीड़ित परिवार की सभी आशाएं खत्म हो गई है. 

    पिछले साल जुलाई महीने से लापता थी युवती 

     पिछले साल जुलाई महीने से पीड़ित परिवार न्याय की गुहार कर रहा था, लेकिन पुलिस अधिकारी आरोपी के साथ पार्टी कर रहे थे.  पैसे का लेनदेन भी हुआ है और यही कारण है कि थाना के सभी को निलंबित कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार  पुलिस ने पिंड्राजोरा  थाना के मधुटांड़  जंगल से लापता 18 वर्षीय युवती  का  कंकाल नुमा लाश  शनिवार को बरामद किया। यह बरामदगी  आरोपी दिनेश महतो की निशानदेही पर की गई.  बताया जाता है कि दिनेश महतो ने  पुलिस को बताया है कि   लड़की को चास  कॉलेज के पास बुलाया और कॉलेज के पीछे जंगल में ले जाकर चाकू से गोद कर उसकी हत्या कर दी.  घटना के बाद शव  को जंगल में छिपा दिया। पुलिस  टीम ने   कंकाल के साथ लड़की के कपड़े और हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है.  इस मामले में परिजन  कई महीनो से बेटी की सकुशल बरामदगी  के लिए वह दर-दर भटक रहे थे.

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    झारखंड के इतिहास में शायद  यह पहली कार्रवाई 
    खुलासे के बाद   झारखंड के इतिहास में पहली बार कार्रवाई करते हुए पिंड्राजोरा  के 28 पुलिस अधिकारी, आरक्षी को बोकारो एसपी ने निलंबित कर दिया है.  बताया गया है कि 24 7.2025 को रेखा देवी उम्र करीब 37 वर्ष पति अनंत महतो  थाना पिंड्राजोरा , जिला बोकारो के द्वारा उनकी पुत्री कुमारी पुष्पा महतो, उम्र 18 वर्ष को अज्ञात अभियुक्त द्वारा अपहरण  किए जाने का आवेदन दिया गया था.  उक्त आवेदक के आलोक में पिंड्राजोरा  में कांड अंकित किया गया था. . गठित एसआईटी टीम के पुलिस पदाधिकारियों  के द्वारा उक्त कांड के अनुसंधान के दौरान दिए गए निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया.  अनुसंधान के दौरान अभियोजन पक्ष को कमजोर करते हुए अभियुक्त को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य किये जा रहे थे.   इनका आचरण संदिग्ध   प्रतीत हुआ.  उक्त आलोक में कांड के त्वरित उद्भेदन  के लिए  डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. 

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    पूरा का पूरा थाना ही किया गया निलंबित 
     
    टीम ने सिर्फ एक दिन में कांड का खुलासा करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया तथा गिरफ्तार अभियुक्त की निशानदेही पर लड़की  के शव के    कंकाल की हड्डी, पहना हुआ कपड़ा एवं हत्या में प्रयुक्त चाकू को बरामद किया गया.  इसे स्पष्ट हुआ कि पिंड्राजोरा  थाना में पदस्थापित, प्रतिनियुक्त  सभी पुलिस पदाधिकारी, कर्मियों के द्वारा कांड के उद्भेदन  में सहयोग प्रदान नहीं किया गया तथा थाना की गोपनीयता भी नहीं रखी गई.  साथ ही  अन्य स्रोतों से पता चला है कि अभियुक्त को बचाने के उद्देश्य से , लाभ पहुंचाने के लिए , पैसे की लेनदेन किया गया , अभियुक्त के साथ पार्टी की गई.  जिसके कारण पुलिस की छवि आम जनों में धूमिल हुई है.  उक्त आलोक में पिंड्राजोरा  थाना में पदस्थापित, प्रतिनियुक्त सभी पुलिस पदाधिकारी, कर्मियों से लेकर थाना प्रभारी तक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है.  जिन लोगों को निलंबित किया गया है, उनमे  पुलिस अवर निरीक्षक की संख्या 10 है.  सहायक अवर  निरीक्षक की संख्या 5 है, हवलदार दो हैं, आरक्षी 11 हैं.  यानी कुल 28 लोगों को एक साथ निलंबित किया गया है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो


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