चतरा में बालू माफियाओं की गुंडागर्दी, खूनी संघर्ष में फॉरेस्ट विभाग का केटल गार्ड घायल


चतरा : झारखंड के चतरा जिले में बालू माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब उन्हें न तो कानून का डर है और न ही वर्दी का खौफ. ताजा मामला गिद्धौर थाना क्षेत्र का है जहां अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को पकड़े जाने से बौखलाए माफियाओं ने वन विभाग के कर्मी और एक पत्रकार पर जानलेवा हमला कर दिया. इस खूनी संघर्ष में फॉरेस्ट विभाग के केटल गार्ड गंभीर रूप से घायल हुए हैं. आखिर चतरा में बालू का यह काला खेल किसकी सह पर फल-फूल रहा है ? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट
लाठी-डंडे से प्रहार
चतरा जिले के गिद्धौर और पत्थलगड़ा थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित चोढ़ी नदी के पास बीती शाम जमकर उत्पात मचाया गया. दरअसल वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि नदी से अवैध तरीके से बालू का उठाव किया जा रहा है. जैसे ही फॉरेस्ट विभाग के केटल गार्ड राकेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को जब्त करने की कोशिश की बालू माफियाओं ने अपना आपा खो दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक 10 से 15 की संख्या में आए संगठित अपराधियों और बालू माफियाओं ने लाठी-डंडों के साथ हमला बोल दिया.
इस दौरान राकेश कुमार के साथ मौजूद सतीश कुमार सिंह और कवरेज करने पहुंचे पत्रकार अभिषेक सिंह उर्फ गुड्डू सिंह को भी माफियाओं के आक्रोश का शिकार होना पड़ा. हमलावरों ने इन तीनों को जंगल और नदी के किनारे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. इस बर्बर हमले में केटल गार्ड राकेश कुमार के सिर में गंभीर चोटें आई हैं जिससे वे लहूलुहान हो गए. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा जिसे देखकर हमलावर भाग निकले.
मुख्य आरोपी फरार
पुलिस ने मौके से अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है जिसका मालिक तौकीर राजा बताया जा रहा है. त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है. पत्रकार और सरकारी कर्मचारी पर हुए इस हमले ने जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं. क्या माफियाओं का सिंडिकेट इतना मजबूत हो गया है कि वे अब खुलेआम गुंडागर्दी पर उतर आए हैं? चतरा पुलिस अब मुख्य आरोपी तौकीर राजा और उसके गुर्गों की तलाश में छापेमारी कर रही है.
रिपोर्ट – विकास कुमार
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