हर्ष सिंह की फॉर्च्यूनर पर सवार थी सनक ,बेसुध किशोर को नहीं मालूम कि उसकी दुनिया उजड़ गई 

    हर्ष सिंह की फॉर्च्यूनर पर सवार थी सनक ,बेसुध किशोर को नहीं मालूम कि उसकी दुनिया उजड़ गई

    धनबाद(DHANBAD)  | अस्पताल के  बिस्तर पर पड़े इस किशोर को नहीं मालूम है कि उसके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं है.  खुद भी वह जीवन और मौत से लड़ रहा है.  धनबाद की  धैया  सड़क पर शुक्रवार की देर रात मनबढ़ू  लोगों की करतूत ने किशोर के माता-पिता को इस दुनिया से उठा लिया.  कार रेस की सनक  रेस करने वालों पर इस तरह सवार थी  कि उन्हें यह समझ में नहीं आया कि सड़क पर उनके अलावा भी कोई चल रहा होगा.  सूत्रों पर भरोसा करें तो एक थार वाहन  था तो दूसरा  फॉर्च्यूनर में यह रेस लगी हुई थी.  

    तोपचांची से रेस लगाकर चली थी गाड़िया 

    दोनों गाड़ियां तोपचांची से चली थी और उन्हें धनबाद आना था.  इसी क्रम में झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के मौसेरे देवर हर्ष सिंह की कंपनी के नाम से रजिस्टर फॉर्च्यूनर डिवाइडर को रौंदती   हुई दूसरी तरफ गई और बाइक से जा रहे राणा दास को ठोकर मार दी.  उस समय बाइक पर राणा दास की पत्नी मानसी दास और पुत्र ऋषभ सवार थे.  राणा दास की तो घटनास्थल पर ही मौत हो गई, पत्नी ने अस्पताल में जाकर दम तोडा.  जबकि बेटा ऋषभ जीवन और मरण से जूझ रहा है.  दो गाड़ियों की रेस ने एक बच्चे को अनाथ कर दिया.  उसके सिर से हमेशा हमेशा के लिए माता पिता का साया उठा दिया.  10 जून को बेटे का जन्मदिन था.  माता- पिता और परिवार के लोग जन्मदिन मनाने  के लिए काफी उत्साहित थे.  लेकिन उन्हें क्या मालूम कि  अब वह अपने बेटे का जन्मदिन कभी नहीं मना सकते है.  

    सड़क पर है सीसीटीवी कैमरे की भरमार 

    इधर, पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ तेजी  और लापरवाही से गाड़ी चलाने का केस दर्ज किया है.  जिस सड़क पर दुर्घटना हुई है ,वहां सीसीटीवी कैमरे की भरमार है.  अगर पुलिस थोड़ी सावधानी पूर्वक जांच करे तो वाहन चलाने वालों की पहचान हो सकती है.  यह भी जाना जा सकता है कि दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद फॉर्च्यूनर का नंबर प्लेट किसने खोला.  कोयलांचल की सड़कों पर अपने को दबंग साबित करने के लिए गाड़ियां तेज रफ्तार से चलाई जाती है.  एक ही रंग की फॉर्च्यूनर अथवा स्कार्पियो  अथवा टाटा सफारी से दबंग चलते है.  गाड़ियां एक दूसरे से सटी हुई होती है ,ऐसे में दुर्घटना का खतरा बना रहता है.  गाड़ियों की गति भी हवा से  बात करती है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो   



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