रांची(RANCHI): झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर करने के लिए विभाग सख्त है. राज्य में नए उपकरण के सात डिजिटल तकनीक पर भी जोर दिया जा रहा है. इसी बीच अब स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की 42 हजार साहिया को टैब देने का ऐलान किया है. जिससे समय पर संबंधित रिपोर्ट तैयार किया जा सके. महिलाओं की स्वास्थ्य की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी. यह ऐलान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस के मौके पर किया है.
दरअसल स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी शनिवार को चाणक्य BNR, रांची में ‘राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य पर जोर दिया है. अपने संबोधन में मंत्री डॉ.इरफान अंसारी ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि “किसी भी महिला को जीवन देते समय अपना जीवन नहीं खोना चाहिए—और मातृ मृत्यु दर को शून्य के करीब लाना ही सरकार का लक्ष्य है.
किशोरियों की शिक्षा और एनीमिया नियंत्रण पर विशेष फोकस
माननीय मंत्री ने बताया कि किशोरियों की शिक्षा, 18 वर्ष के बाद विवाह सुनिश्चित करना और एनीमिया नियंत्रण जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि स्वस्थ मातृत्व और स्वस्थ शिशु जन्म को बढ़ावा मिल सके. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय जैसे प्रयासों के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षित एवं सशक्त बनाया जा रहा है. उन्होंने सहिया कार्यकर्ताओं और नर्सों की सराहना करते हुए कहा कि वे विषम परिस्थितियों में भी 24x7 सेवा देकर संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दे रही हैं.
राज्यव्यापी थैलेसीमिया एवं एनीमिया स्क्रीनिंग अभियान
मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कुपोषण, सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया और एनीमिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए राज्यभर में व्यापक स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है।उन्होंने बताया कि UNICEF के सहयोग से जागरूकता, ग्राम स्तर तक पहुंच और व्यवहार परिवर्तन पर विशेष जोर दिया जा रहा है. साथ ही ममता वाहन जैसी सेवाओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाया जा रहा है और सहिया कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि देकर उनकी भूमिका को और मजबूत किया जा रहा है.
तीसरे से पहले स्थान तक पहुंचना हमारा लक्ष्य
मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा कि वर्तमान में झारखंड स्वास्थ्य सेवाओं में देश में तीसरे स्थान पर है, लेकिन सरकार का लक्ष्य इसे पहले स्थान पर पहुंचाना है. डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 42,000 सहिया कार्यकर्ताओं को एक माह के भीतर टैब उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे तकनीकी रूप से सशक्त होकर गांव-गांव में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकें.
Thenewspost - Jharkhand
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