BCCL एरिया 10 में रास्ता काटे जाने को लेकर बवाल, मजदूरों के घायल होने को लेकर धरना प्रदर्शन

    धनबाद : झरिया स्थित बीसीसीएल एरिया संख्या-10 अंतर्गत एंटी एसटी विभागीय परियोजना का रास्ता काटे जाने को लेकर गुरुवार को जमकर बवाल हो गया. रास्ता अवरुद्ध किए जाने से नाराज बीसीसीएल के अधिकारी और कर्मचारियों ने बीसीसीएल प्रबंधन व आउटसोर्सिंग प्रबंधन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.

    BCCL एरिया 10 में रास्ता काटे जाने को लेकर बवाल, मजदूरों के घायल होने को लेकर धरना प्रदर्शन

    धनबाद : झरिया स्थित बीसीसीएल एरिया संख्या-10 अंतर्गत एंटी एसटी विभागीय परियोजना का रास्ता काटे जाने को लेकर गुरुवार को जमकर बवाल हो गया. रास्ता अवरुद्ध किए जाने से नाराज बीसीसीएल के अधिकारी और कर्मचारियों ने बीसीसीएल प्रबंधन व आउटसोर्सिंग प्रबंधन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.

    कई कर्मी घायल

    बीसीसीएल अधिकारियों और कर्मचारियों का आरोप है कि एलबी सिंह के समर्थकों ने लाठी-डंडे से हमला किया, जिसमें कई कर्मी घायल हो गए. आरोप है कि महिला कर्मियों के साथ भी मारपीट की गई जिससे जान बचाने के लिए उन्हें मौके से भागना पड़ा. सभी घायलों को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया.  जहां उनका इलाज चल रहा है.

    आवागमन पूरी तरह रहा बाधित 

    घटना से आक्रोशित बीसीसीएल अधिकारी और कर्मचारियों ने तीसरा-बलियापुर मुख्य मार्ग पर ठाकुर मोड़ के समीप सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया. प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की. मामला तीसरा थाना क्षेत्र का है. सूचना मिलते ही तीसरा पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया.वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि आउटसोर्सिंग प्रबंधन ने मनमानी करते हुए रातों-रात मशीन लगाकर सड़क काट दी. जब सुबह मजदूर काम पर पहुंचे तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई. पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है.

    विरोध में धरना प्रदर्शन

    इधर जनता मजदूर संघ बच्चा गुट के महामंत्री अभिषेक सिंह भी बीसीसीएल अधिकारियों के आंदोलन में शामिल हुए. उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय कार्य को बंद कराने और एमडीओ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रास्ता काटा गया. उन्होंने कहा कि बीसीसीएल प्रबंधन और सभी ट्रेड यूनियनों के बीच हुए समझौते में स्पष्ट है कि आने वाले दस वर्षों तक विभागीय कार्य बिना किसी रोक-टोक के चलता रहेगा. इसके बावजूद विरोध करने पर कर्मचारियों पर जानलेवा हमला किया गया. जिसमें कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं और सेंट्रल हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है. इसी के विरोध में आज धरना दिया जा रहा है.

     

    रिपोर्ट: नीरज कुमार 


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