"नारी शक्ति बंदन अधिनियम" के बाद पढ़िए कैसे होगा झारखंड में सीटों का बंटवारा 

    "नारी शक्ति बंदन अधिनियम" के बाद पढ़िए कैसे होगा झारखंड में सीटों का बंटवारा

    धनबाद(DHANBAD): महिलाओं को 33% रिजर्वेशन देने वाला नारी शक्ति बंदन अधिनियम, जनगणना, परिसीमन प्रक्रिया के बाद ही लागू होगा लेकिन इसके  लागू होने के पहले ही श्रेय लेने की होड़ मच गई है. भाजपा जहां आगामी लोकसभा चुनाव में इसका सियासी लाभ लेने के फिराक में है, वहीं दूसरे दल भी इसमें कहीं से पीछे नहीं है.  कांग्रेस का कहना है कि यह हमारा विधेयक  है ,2010 में ही इसे राज्यसभा से पास कराया गया था.  वहीं जदयू का कहना है कि बिहार से प्रेरित होकर यह  विधेयक  लाया गया है.  तृणमूल  कांग्रेस का कहना है कि हमने सबसे पहले आवाज उठाई थी.   खैर ,जो भी हो लेकिन बिल लाया गया है और इसे लागू होने में अभी वक्त है.  2021 से लंबित जनगणना होने के बाद ही परिसीमन या निर्वाचन क्षेत्र का फिर से निर्धारण हो सकेगा.  निर्वाचन क्षेत्र का फिर से  निर्धारण 20 26 के बाद ही होगा. 

    20 29 के चुनाव में ही हो सकता है अमल 
     
    इस हिसाब से लोकसभा के 20 29 के चुनाव में ही इस पर अमल किया जा सकेगा.  झारखंड की बात की जाए तो झारखंड विधानसभा में फिलहाल 12 महिला विधायक है.   झारखंड मुक्ति मोर्चा से सीता सोरेन, सविता महतो, जोबा  मांझी और बेबी देवी विधायक हैं, तो कांग्रेस से दीपिका पांडे सिंह ,पूर्णिमा नीरज सिंह, नेहा सिंह तिर्की, अंबा प्रसाद कांग्रेस कोटे से विधायक है.  भाजपा कोटे से अपर्णा सेनगुप्ता, नीरा  यादव और पुष्पा देवी विधायक है.  आजसू  पार्टी से सुनीता चौधरी विधायक है.  लोकसभा में झारखंड से दो महिला सांसद हैं, जिनमे  अन्नपूर्णा देवी और गीता कोड़ा शामिल है.  राज्यसभा से झारखंड मुक्ति मोर्चा कोटे से महुआ मांझी  राज्यसभा सांसद है.  

    81 में से 27 सीट हो सकती है आरक्षित 

    अगर महिला आरक्षण बिल लागू जब भी हो तो झारखंड के 81  सीटों में 27 सीट  महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी.  इसी प्रकार 14 लोकसभा सीटों में पांच महिलाओं के लिए रिजर्व किया जा सकेगा.  झारखंड से राज्यसभा की कुल 6  सीटें  है.  झारखंड की और आगे बात की जाए तो सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस गठबंधन में महिला विधायकों की संख्या अन्य दलों से कुछ अधिक है.  दोनों दलों में चार-चार महिला विधायक है.  2019 के विधानसभा चुनाव में कुल 127 महिला प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा, इनमें 10  चुनाव जीती.  रामगढ़ और डुमरी चुनाव में दो और महिलाओं ने जीत का परचम लहराया.  अब झारखंड विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या 12 हो गई है.  इससे पहले 2014 की बात की जाए तो विधानसभा चुनाव में 109 महिलाओं ने भाग्य आजमाया, जिनमें 9 ने  जीत दर्ज की.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो  



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