काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर रांची पहाड़ी मंदिर का होगा विकास, डीपीआर बना कर जिला प्रसाशन ने पर्यटन विभाग को भेजा

    काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर रांची पहाड़ी मंदिर का होगा विकास, डीपीआर बना कर जिला प्रसाशन ने पर्यटन विभाग को भेजा

    रांची(RANCHI): राजधानी रांची के पहाड़ी मंदिर के विकास के लिए हर वर्ष मुख्यमंत्री लोगों से वादा करते थे की यहां का विकास हम बनारस के मंदिर के तर्ज पर करेंगे. आखिरकार अब बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर के तर्ज़ पर रांची के पहाड़ी मंदिर को पांच करोड़ की लागत से कॉरिडोर बना कर विकसित किया जाएगा. पहाड़ी मंदिर विकास समिति के आग्रह पर सीएम ने डीपीआर तैयार करने का  निर्देश दिया. जिसके बाद ज़िला प्रसाशन ने डीपीआर बना कर पर्यटन विभाग को भेज दिया गया है. काफी पहले से इस विषय पर विचार विमर्श चल रहा था लेकिन किसी कारणवश ये मुमकिन नहीं हो पा रहा था.

    मंदिर प्रांगण मे किए जाएंगे कई बदलाव

    मंदिर का कार्यशुरू होने मे अभी वक़्त है लेकिन इसकी सारी तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है. डिजिटल मैप बनकर तैयार हो चुका है कि कहां पर कौन सी चीजें बनेगी. शादी के लिए मंडप, दिव्यांग लोगों के लिये पाथ जिससे की वे मंदिर के गर्भ गृह से थोड़ी दूर पर गाड़ी से पहुंच सके. बारिश में पहाड़ का कटाव नहीं हो उसके लिए पहाड़ो के चारों तरफ दीवार बना कर कटाव को रोकने की व्यवस्था की जा रही है.

    हजारों साल पुराना है मंदिर का इतिहास

    पहाड़ी मंदिर का इतिहास लगभग 55 हजार साल पुराना  है. यहां की मान्यता है की यहां कोई भी मन्नत मांगी जाती है तो वो पूरी होती है. सावन के महीने में यहां भक्तों की भी काफी भीड़ देखी जाती है. लाखों की संख्या मे यहां हर रोज भक्त भगवान भोले के दर्शन करने आते है. 15 अगस्त और 26 जनवरी को हर साल पहाड़ी मंदिर के प्रांगण मे ध्वजारोहण किया जाता है.


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