Railway News: आखिर क्यों पूर्व मध्य रेलवे के इतिहास में दर्ज हो गया धनबाद -सासाराम इंटरसिटी का नाम


धनबाद(DHANBAD):धनबाद -सासाराम इंटरसिटी का नाम रेलवे के इतिहास में दर्ज हो गया है. यह पूर्व मध्य रेलवे में कवच के साथ चलने वाली पहली ट्रेन बन गई है. दरअसल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन और प्रधान खंता रेलवे खंड पर शुक्रवार को कवच के साथ ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया. धनबाद- सासाराम इंटरसिटी कवच वाले सेफ्टी फीचर्स के साथ सुबह 7:42 बजे सरमाटांड़ स्टेशन से खुलकर 9:35 पर मानपुर स्टेशन पहुंची। इस दौरान आमने -सामने टक्कऱ टेस्ट भी किया गया.
दरअसल कवच प्रणाली मौजूदा सिग्नलिंग सिस्टम के साथ संपर्क बनाये रखता है. इसकी जानकारी परिचालन से जुड़े प्राधिकृत रेलकर्मी को निरंतर साझा करता रहता है. किसी भी आपात स्थिति में स्टेशन एवं चालक को तत्काल कार्रवाई के लिए सचेत करने, साइड-टक्कर, आमने-सामाने की टक्कर एवं पीछे से होने वाली टक्कर की रोकथाम करने में पूरी तरह सक्षम है. इसके साथ ही रोल बैक या फॉरवर्ड और रिवर्स मूवमेंट की स्थिति में लगातार सचेत करता है. रेल फाटकों की जानकारी स्वचलित सिटी के माध्यम से प्रदान करता है. सरमाटांड़-मानपुर के बीच हेड ऑन कोलिजन (आमने -सामने )टेस्ट भी किया गया.
परीक्षण के दौरान ट्रेन 4259 मीटर की दूरी पर अपने आप रुक गई. बता दें कि कवच एक टक्कर रोधी तकनीक है. यह प्रौद्योगिकी रेलवे को शून्य दुर्घटनाओं के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी। यह प्रौद्योगिकी माइक्रो प्रोसेसर, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम और रेडियो संचार के माध्यमों से जुड़ा रहता है. जैसे ही यह तकनीक एक निश्चित दूरी के भीतर उसी ट्रैक में दूसरी ट्रेन का पता लगाती है, तो ट्रेन के इंजन में लगे उपकरण के माध्यम से निरंतर सचेत करते हुए स्वचालित ब्रेक लगाने में सक्षम है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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