धनबाद के साथ रेलवे ने किया छल, मगर फिर भी चुप हैं JDURCC के सदस्य, जानिए क्या है मामला


धनबाद(DHANBAD): इस महीने छठ महापर्व है. कोयलांचल से बिहार जाने वालों को तो अब सड़क मार्ग पर ही भरोसा करना होगा. क्योंकि, अभी से ही बिहार जाने वाली सारी ट्रेनें फुल हैं, कोई सीट उपलब्ध नहीं है. धनबाद को कोई भी स्पेशल ट्रेन नहीं मिली है. एक ट्रेन मिली भी है तो वह बहुत काम की नहीं है. ऐसा छल धनबाद के साथ क्यों किया जाता है, यह तो धनबाद के लोग भी नहीं समझ पा रहे हैं. जबकि आय के मामले में धनबाद देश का सबसे बड़ा रेल मंडल है. यानि रेलवे धनबाद को सिर्फ दुधारू गाय समझता है और सुविधा के नाम पर कुछ देता नहीं.
आपको बता दें कि धनबाद में नागरिक सुविधाएं फिसड्डी है. JDURCC में धनबाद या यूं कहिए झारखंड से 4 लोग सदस्य हैं. एक तो धनबाद के सांसद पीएम सिंह ही सदस्य है. दूसरे सदस्य झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष हैं. तीसरे सदस्य हैं वीरेंद्र यादव और चौथे सदस्य हैं धनबाद के पिंटू कुमार सिंह.
धनबाद के साथ धोखे के खिलाफ नहीं उठती आवाज़
बावजूद धनबाद के साथ रेलवे हमेशा छल करता रहा है, मगर, कहीं से कोई विरोध की आवाज नहीं निकलती. सवाल उठता है कि सदस्य क्या अपने इलाके के बारे में भी बैठक में पुरजोर ढंग से आवाज़ नहीं उठाते. इतना ही नहीं DRUCC में, जिसका कि अभी गठन चल ही रहा है, लगभग 6 सदस्य हैं, बावजूद मंडल स्तर की बैठक में क्या इन सब बातों को नहीं रखते. यह सब ऐसे प्रश्न है जो लोगों को बेचैन किए हुए है. धनबाद की जनता का सवाल है कि आखिर उन्हें सुविधाएं देने में सरकारी एजेंसियां आनाकानी क्यों करती हैं. इस बार बंगाल से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को भी मेन लाइन होकर यानी झाझा, क्यूल, पटना होकर चलाया जा रहा है. छठ के नाम पर धनबाद को एकमात्र सीतामढ़ी स्पेशल ट्रेन मिली है. ट्रेन 22 व 29 अक्तूबर और 05 व 12 नवंबर को धनबाद से चलेगी. दीपावली यानी 24 अक्तूबर के दो दिन पहले इस ट्रेन को चलाया गया है. नाम छठ स्पेशल होने के बावजूद ट्रेन को छठ के खरना के दिन चलाया जा रहा है, वह भी भारी-भरकम किराए के साथ. है न चौंकानेवाली बात कि बिहार के बरौनी, छपरा, दरभंगा, सहरसा, जयनगर, पटना, समस्तीपुर, रक्सौल, गया सहित बिहार के अन्य स्टेशनों से एक दर्जन से अधिक स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन धनबाद को एक भी ट्रेन नहीं मिली.
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