सवाल: बोकारो में तो अब उड़ानें शुरू होंगी लेकिन धनबाद में क्यों ठंडी पड़ गई एयरपोर्ट की राजनीति

    सवाल: बोकारो में तो अब उड़ानें शुरू होंगी लेकिन धनबाद में क्यों ठंडी पड़ गई एयरपोर्ट की राजनीति

    धनबाद(DHANBAD):  धनबाद की किस्मत में एयरपोर्ट है भी कि नहीं ,या यह आगे भी राजनीतिक मुद्दा ही बनकर रह जाएगा।  बरसों से एयरपोर्ट की मांग धनबाद में उठ रही है, उसके बाद देवघर में एयरपोर्ट बन गया, बोकारो में एयरपोर्ट शुरू होने की सुगबुगाहट  फिर तेज हो गई है.  लेकिन धनबाद में जो आंदोलन शुरू हुआ था , वह फिर कहीं गुम हो गया है.  सांसद ढुल्लू  महतो के नेतृत्व में भाजपा के नेता और कार्यकर्ताओं ने भरी दुपहरी में रणधीर वर्मा चौक पर एयरपोर्ट के लिए धरना -प्रदर्शन किया था. सांसद  का दावा है कि राज्य सरकार अगर जमीन उपलब्ध करा देती है, तो केंद्र सरकार का फैसला लाना, उनकी जिम्मेवारी है.  खैर उस धरना -प्रदर्शन के बाद हमले तेज हो गए थे. 

    घटक दलों ने भी प्रतिक्रिया दी थी ,लेकिन अब चुप 
     
    सत्ताधारी दल के सभी घटक दलों ने भाजपा के इस आंदोलन पर तीखी  प्रतिक्रिया दी थी.  कहा था कि राज्य सरकार अब जब सक्रिय  हुई है, तो श्रेय लेने की होड़  मची हुई है.  प्रतिक्रिया देने में झामुमो  भी आगे था, कांग्रेस भी पीछे नहीं थी, तो माले  विधायक अरूप  चटर्जी ने तो साफ कर दिया था कि इसके लिए वह प्रयासरत है और सरकार अब सकारात्मक रुख अख्तियार  कर चुकी है.  उसके बाद फिर कोई बयानबाजी नहीं हुई, ना बीजेपी का आंदोलन आगे बढ़ा और नहीं दूसरे दल के नेताओं ने कुछ कहा.  अलबत्ता बोकारो हवाई अड्डे के संचालक को लेकर सरकार अब सक्रिय हो गई है.  सूत्रों के अनुसार तीन-चार दिन पहले महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई है.  राज्य की  नागरिक उड्डयन  विभाग की  सचिव ने बोकारो एयरपोर्ट परियोजना की प्रक्रिया  की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रक्रियाओं को पूरा करने का निर्देश दिया।  बैठक में बोकारो स्टील प्लांट ,एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे.  

    15 दिनों के भीतर बोकारो के लिए आवेदन देने का निर्देश 

    बताया गया कि  15 दिनों के भीतर बोकारो स्टील प्लांट की ओर से लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया जाएगा।  बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार की ओर से किए जाने वाले अधिकांश कार्य पूरे कर लिए गए है.  मतलब साफ है कि अगर सक्रियता बनी रही, तो बोकारो में एयरपोर्ट बहुत जल्द ही शुरू हो सकता है.  लेकिन धनबाद के बारे में आगे क्या होगा, एयरपोर्ट मिलेगा अथवा नहीं मिलेगा, इसको लेकर अभी कोई स्पष्ट बात सामने नहीं आई है.  ऐसी बात नहीं है कि धनबाद में एयरपोर्ट नहीं है.  एयरपोर्ट अभी भी है लेकिन वहां से उड़ाने नहीं होती।  कोयलांचल  में जब माफिया उन्मूलन अभियान शुरू हुआ था तो तत्कालीन डीसी मदन मोहन झा ने विशेष रुचि लेकर उड़ान शुरू कराई थी.  पटना से अधिवक्ताओं की टीम धनबाद आती  थी और माफिया ट्रायल के मामलों में बहस करती थी.   लेकिन उसके बाद एयरपोर्ट की ओर किसी का ध्यान नहीं गया  और यह मामला ठंडे  बस्ते  में चला गया.



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