धनबाद में छह के जिंदा जलने पर सवाल दर सवाल: क्यों नहीं काटी गई थी बिजली, क्रेन का उपयोग क्यों नहीं हुआ, गम बूट और रबर के दस्ताने कहा थे 

    धनबाद में छह के जिंदा जलने पर सवाल दर सवाल: क्यों नहीं काटी गई थी बिजली, क्रेन का उपयोग क्यों नहीं हुआ, गम बूट और रबर के दस्ताने कहा थे 

    धनबाद(DHANBAD): सवाल उठ रहा है कि भारी कामों के लिए क्रेन क्यों बने हैं, गम बूट और रबड़ वाले दस्ताने बनाने वालों ने  तो कुछ सोच कर ही बनाया होगा, ओवरहेड लाइन में काम करने के लिए शट डाउन लेने की व्यवस्था क्यों बनी है, यह सब ऐसे सवाल हैं जो सोमवार को धनबाद गोमो रेलखंड पर हुए हादसे के बाद उठ रहे हैं. इस हादसे में 6 मजदूर जिंदा जल गए थे. प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला लापरवाही और नियमों की अनदेखी का माना जा रहा है. दोस चाहे जिनका भी हो लेकिन मजदूरों की जिंदगी तो अब वापस नहीं मिलेगी. बिना इंजीनियर, बिना ठेकेदार के इतना बड़ा  काम  सुरक्षा की अनदेखी कर कैसे किया जा रहा था, इस सवाल का जवाब तो ठेका कंपनी, रेल मैनेजमेंट को आज नहीं तो कल देना ही पड़ेगा .यह बात अलग है कि रेल प्रबंधन और ठेकेदार पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. इसकी जांच होगी. मजदूरों के परिवार को मुआवजा मिलेगा लेकिन इससे आगे हादसे नहीं होंगे इसकी क्या गारंटी है.

    धनबाद रेल मंडल में ही 12 जुलाई 2022 को प्रधानखानता रेलवे स्टेशन के निकट अंडर पास में काम कर रहे मजदूरों में से 4 की मौत हो गई थी. इस मामले में भी रेलवे और ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही का मामला बलियापुर थाने में दर्ज हुआ था. मृतक के परिवारों को मुआवजा भी मिला था और उसके बाद 29 मई 2023 को फिर हादसा हो गया. इस घटना की गूंज धनबाद से रांची और दिल्ली तक हुई. रेल बोर्ड के अधिकारी से लेकर पीएमओ तक लगातार अपडेट लेते रहे. लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली की चपेट में आए छह मजदूरों के शव की हालत देखकर सभी का कलेजा फट रहा था. इस कदर जल गए थे और टुकड़ों में बट गए थे कि उनकी पहचान भी मुश्किल हो रही थी.

    कैसे हुई घटना 

    दरअसल हावड़ा नई दिल्ली रेल खंड पर सेमी स्पीड ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है. ट्रेन की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटे करने की योजना है. इसके लिए पटरी बदली जा रही है. साथ ही ओवरहेड को मजबूत बनाने का काम चल रहा है. यह काम रेल विकास निगम लिमिटेड को सौंपा गया है. रेल विकास निगम किसी एजेंसी के जरिए यह सब काम करवा रहा है .एजेंसी नियम की अनदेखी कर  काम कर रही थी और यह दुर्घटना हो गई. पिछले 3 महीनों से धनबाद और गोमो में पोल गाड़े जा रहे हैं. दुर्घटना के समय पेड़ में रस्सी बांधकर पोल खड़े किए जा रहे थे .पेड़ की रस्सी ढीली हुई और पोल ओवरहेड तार पर गिर गया. उसके बाद यह दुर्घटना हुई.

    घटना की चार स्तर पर जांच होगी: डीआरएम कमल किशोर सिन्हा

    धनबाद मंडल के डीआरएम कमल किशोर सिन्हा ने कहा है कि घटना की चार स्तर पर जांच होगी. स्थानीय थाने में प्राथमिकी के बाद पुलिस जांच करेगी. साथ ही आरपीएफ टीम भी घटना की जांच करेगी. रेल प्रशासन की ओर से 4 सदस्य टीम को जांच का जिम्मा दिया गया है. इसके अलावा एआईजी जांच भी होगी. प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि घटना के वक्त इतनी तेज आवाज हुई कि अगल-बगल के गांव के लोग अचंभित हो गए. बगल में चापाकल पर पानी लेने वाले  कई लोग बेहोशी की हालत में आ गए. बाहर हाल प्रधानखंता की घटना से अगर रेल प्रबंधन कुछ सबक लिया हुआ होता तो सोमवार को इतनी बड़ी दुर्घटना नहीं होती.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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