सरायकेला में शुरु हुआ चंपाई सोरेन और दीपक बिरुआ का विरोध, लोगों ने ठगने का आरोप, पढ़ें क्या है वजह

    सरायकेला में शुरु हुआ चंपाई सोरेन और दीपक बिरुआ का विरोध, लोगों ने ठगने का आरोप, पढ़ें क्या है वजह

    सरायकेला(SARAIKELA): सरायकेला ज़िला के राजनगर प्रखंड अंतर्गत कुजू पंचायत के सारज़ोमडीह गांव में ग्राम मुंडा साधु पोड़िया के नेतृत्व में ईचा खरकाई बांध विरोधी संघ के बैनर तले एक बैठक आयोजित की गई. बैठक में ईचा डैम प्रभावित 87 गांव के ग्रामीण जुटे और सभी ने एक सुर में मंत्री चंपई सोरेन, निरल पूर्ति और मंत्री दीपक बिरुआ के खिलाफ आवाज बुलन्द की.

    ग्रामीणों ने चंपई सोरेन पर लगाया ये आरोप

    मौके पर मौजूद JBKSS केंद्रीय संगठन मंत्री उदय बंकिरा ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में सभी ग्रामीण एकजुट होकर झामुमो के विरोध में मतदान करेंगे, क्योंकि इन तीनों ने यहां के भोले-भाले जनता को ठगा है, यहां के विधायक सह मंत्री चंपई सोरेन आदिवासी समुदाय से आते है लेकिन उनके क्षेत्र में आदिवासी मर रहे है, डैम डूबी क्षेत्र होने की वजह से यहां सरकार की कोई सुविधा नहीं पहुंचती.

    पढ़ें ग्रामीणों ने क्या आरोप लगाया

    चुनाव से पहले मंत्री चंपई सोरेन ने वादा किया था ईचा डैम नहीं बनेगा, लेकिन अब अपने वादे से मुकर कर बोलते है कि डैम बनेगा, लेकिन उसका स्वरूप छोटा होगा. आख़िर कब तक ये लोग डैम के नाम से यहां की जनता को ठगते रहेंगे और वोट लेते रहेंगे. मंत्री चंपाई सोरेन स्थानीय एवं जनजातीय भाषा को लेकर शिक्षक की बहाली करने की बात कहे, लेकिन पूर्वी सिंहभूम में 18 शिक्षक जनजातीय भाषा की बहाली की गई. वहीं 81 बाहरी भाषा की बहाली की गई, क्या हमारे बच्चों को अपने मातृ भाषा में पढ़ाई करने का भी अधिकार नहीं है.

    रिपोर्ट-वीरेंद्र मंडल


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