आलू : बंगाल ने अंगूठा दिखाया तो उत्तरप्रदेश से क्यों बढ़ी आस, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    आलू : बंगाल ने अंगूठा दिखाया तो उत्तरप्रदेश से क्यों बढ़ी आस, पढ़िए इस रिपोर्ट में

    धनबाद(DHANBAD) : आलू को लेकर दो पड़ोसी राज्यों (झारखंड -बंगाल ) में "आल इज  वेल" नहीं है. हालांकि झारखंड के मुख्यमंत्री ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव को तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया है. झारखंड के मुख्य सचिव ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से फोन पर बात की है. पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव ने भरोसा दिया है कि जल्द ही कमेटी बनाकर आलू के विवाद को खत्म कर दिया जाएगा.  

    बताया जाता है कि दीपावली तक बारिश होने से बंगाल में आलू की पैदावार पर असर पड़ा है. इस कारण बंगाल के लोगों को आलू आपूर्ति में किसी तरह की दिक्कत नहीं हो, संभवत इसके लिए बंगाल से आलू लदी गाड़ियों को झारखंड में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. हालांकि लगातार बारिश से सभी राज्यों में आलू के उत्पादन पर असर पड़ा है. जानकारी के अनुसार कोयलांचल सहित झारखंड के अन्य जिलों में 60 से 70% तक आलू बंगाल से आता है.  लेकिन आलू नहीं आने से अब मुश्किल बढ़ती जा रही है. झारखंड में रोज लगभग 80 से 100 ट्रक  आलू की खपत होती है. 

    बंगाल से आलू पर प्रतिबंध के बाद यूपी से आलू की सप्लाई बढ़ाने की कोशिश कारोबारी कर रहे है. लेकिन इसमें वक्त लग सकता है. आलू को लेकर झारखंड और बंगाल में तकरार बढ़ता दिख रहा है. झारखंड के बॉर्डर पर बंगाल पुलिस ट्रको को रोक दे रही है. अब जब दोनों राज्यों के अधिकारियों से बातचीत हो रही है और झारखंड के मुख्यमंत्री के संज्ञान में यह  मामला आया है, तो देखना है आगे-आगे इसमें होता है क्या?

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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