धनबाद(DHANBAD): चुनाव तो कई राज्यों में हो रहे हैं, लेकिन असम पर झारखंड की नजर टिक गई है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडे ने स्टार प्रचारकों की सूची निर्वाचन आयोग को भेज दी है. पार्टी की ओर से चुनाव आयोग से इन नेताओं को चुनाव प्रचार के लिए अनुमति देने तथा उनके उपयोग में आने वाले वाहनों के लिए पास निर्गत करने का अनुरोध किया गया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष हेमंत सोरेन मुख्य प्रचारक होंगे। वह असम में चुनाव प्रचार का नेतृत्व भी करेंगे। ऐसे में यह माना जा रहा है कि असम विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल और बढ़ेगी। झामुमो और कांग्रेस के बीच मतभेद और बढ़ेगा, फिर यहीं से सवाल खड़ा होता है कि क्या यह किसी सियासी बदलाव का संकेत है या तात्कालिक प्रतिक्रिया है .
आदिवासी बहुल इलाके में झामुमो की होगी परीक्षा
दोनों दलों के बीच असम में सीट बंटवारे को लेकर बात नहीं बनी, तो फिर झामुमो अकेले चुनाव लड़ने का फैसला ले लिया। झामुमो ने वहां अधिकतर उम्मीदवार उन इलाकों में उतारे हैं, जो इलाके आदिवासी बहुल इलाके है. सवाल उठता है कि आदिवासी बहुल इलाकों में उम्मीदवार देने से नुकसान किसको होगा। झामुमो कितनी सीट असम में जीत पाएगा,इस पर भी रहेगी नजर. दरअसल, कांग्रेस जहां असम में झामुमो को 5 से 7 सीट देने को राजी थी, वही झामुमो इसे बहुत कम मान कर अलग से चुनाव लड़ने का निर्णय ले लिया। झामुमो के इस कदम को आक्रामक रुख माना जा रहा है. झामुमो ने पहले से ही असम में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार कर ली थी और उसी जमीन के आधार पर कांग्रेस के साथ "बारगेन" करने की कोशिश कर रही थी. लेकिन दोनों दलों में बात नहीं बनी और राह अलग हो गए.
असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं
राजनीतिक पंडित मान रहे हैं कि यदि असम में झामुमो को "डबल डिजिट" में सीट मिल गई तो झारखंड में कांग्रेस और झामुमो के रिश्ते और बिगड़ सकते है. असम चुनाव परिणाम के बाद झारखंड में अगर कोई "खेल" हो जाए तो कोई आश्चर्य नहीं कहा जा सकता है. आपको याद होगा कि असम कांग्रेस के प्रभारी और असम कांग्रेस अध्यक्ष रांची आए थे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी. बातचीत हुई थी .फिर दिल्ली में भी कांग्रेस के बड़े नेताओं से बात हुई. लेकिन बात नहीं बनी. इसके बाद झामुमो अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है. इस फैसले का दूरगामी असर विपक्षी गठबंधन पर पड़ सकता है. असम में कुल 126 सीट हैं .19 सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
Thenewspost - Jharkhand
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