धनबाद में कोयला तस्करी के खिलाफ पुलिस का एक्शन, अब BCCL को भी मिलेगा अतिरिक्त जवान

    धनबाद में कोयला तस्करी के खिलाफ पुलिस का एक्शन, अब BCCL को भी मिलेगा अतिरिक्त जवान

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद कोयलांचल में कोयला चोरी के खिलाफ पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद बीसीसीएल को भी सीआईएसएफ के अतिरिक्त जवान उपलब्ध कराने का भरोसा मिल गया  है.  धनबाद में कोयला चोरी के खिलाफ हो रही ताबड़तोड़ कार्रवाई पर कोयला मंत्रालय की भी नजर है.  मंत्रालय धनबाद में पुलिस कार्रवाई की पल-पल की  जानकारी ले रहा है.  सोमवार को सुरक्षा संबंधी समीक्षा बैठक में सचिव  अमृतलाल मीणा ने  जानकारी ली.  कोयला सचिव ने बीसीसीएल प्रबंधन को CISF  का अतिरिक्त जवान उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है.  बीसीसीएल मैनेजमेंट ने 650 सीआईएसएफ जवान का डिमांड किया है.  कोयला सचिव ने 450 जवान दिलाने का भरोसा दिया है.  बीसीसीएल में नए  आउटसोर्सिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी से सीआईएसएफ के जवानों की मांग बढ़ी है.  नए प्रोजेक्ट में सुरक्षा संबंधी कई चुनौतियां भी है.  कोयला सचिव ने कहा कि देश की ऊर्जा जरूरत को पूरा करने के लिए सुरक्षित कोयला खनन जरूरी है.  लेकिन प्रोड्यूस कोयले की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है.  न केवल बीसीसीएल, ECL और सीसीएल बल्कि कोल इंडिया की लगभग सभी सहायक कंपनियों से कोयला चोरी की खबरें मिलती रहती है. 

    सुरक्षित उत्पादन के साथ-साथ कोयला चोरी रोकना भी मकसद 

     ऐसे में हमारी प्राथमिकता सुरक्षित उत्पादन के साथ-साथ कोयला चोरी रोकना भी है.  बीसीसीएल कि अगर बात की जाए तो सीआईएसएफ के 3700 पद स्वीकृत है.  लेकिन वर्तमान में करीब 3100 से 3200 जवान  ही पदस्थापित है.  500 से अधिक  सदस्यों की कमी है.  इसके अलावे बीसीसीएल विभागीय कर्मियों को ट्रेनिंग देकर भी सुरक्षा का काम ले रहा है.  हाल के दिनों में धनबाद कोयलांचल कोयला चोरी के लिए कुख्यात हुआ है.  आउटसोर्सिंग प्रोजेक्ट हो या बंद  कोलियारियां ,सब जगह से बेधड़क कोयले की चोरी हो रही थी.  लेकिन नए साल के प्रथम सप्ताह में नए एसएसपी के कार्यभार ग्रहण करने के बाद परिस्थितियां  कुछ बदली है.  ताबड़तोड़ छापे मारे जा रहे है.  थाना प्रभारियों  को साफ-साफ कह दिया गया है कि इलाके में अवैध धंधे को बंद कराये , नहीं तो कार्रवाई  के लिए तैयार रहे.  उसके बाद तो ताबड़तोड़ छापेमारी हो रही है.  अभी तक तो सिर्फ दो थानेदारों पर ही कार्रवाई हुई है.  एक थानेदार सस्पेंड हुए हैं जबकि दूसरे को लाइन क्लोज किया गया है. 

    ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद हो रहे मुक़दमे 
     
    इधर, ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद मुकदमा दर्ज करने का सिलसिला भी तेज हो गया है.  जो लोग कोयला चोरी में लिप्त  है, कोयला तस्करी कर रहे हैं, कोयल का स्टॉक किए हुए हैं ,सारे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है.  हर एक थानेदार अपनी-अपने इलाके में अवैध धंधे को बंद करा  रहे है.  नए एसएसपी ने एक  साल की कार्य योजना तैयार की है और उसी के अनुसार थानेदारों को कार्रवाई करने को कहा है.  कार्रवाई हो भी रही है.  इधर चुनाव को देखते हुए पूरे झारखंड में लगभग 3000 से अधिक कनीय  पुलिस अधिकारियों का तबादला होगा.   झारखंड पुलिस में अब तक एक साथ इतने बड़े पैमाने पर तबादले कभी हुए नहीं है.  राज्य में एक ही जिले में 3 साल से जमे  पुलिस अफसर का तबादला चुनाव आयोग के आदेश पर होना है.  भारत निर्वाचन आयोग के पत्र के आलोक में राज्य के वैसे पदाधिकारियों  का तबादला होना है, जो एक ही जगह पर 3 साल या उसे अधिक समय से जमे हुए है.  30 जून 2024 को 3 साल पूरा होने की अवधि मानकर आयोग ने डेडलाइन तय की है.

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो



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