PM का धनबाद दौरा: Hurl के एमडी पहुंचे सिंदरी, किया प्लांट का इंस्पेक्शन, 27 को होना है उद्घाटन

    PM का धनबाद दौरा: Hurl के एमडी पहुंचे सिंदरी, किया प्लांट का इंस्पेक्शन, 27 को होना है उद्घाटन

    धनबाद(DHANBAD): 22 जनवरी को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर  अक्षत  वितरण से लेकर हनुमान पाठ का आयोजन चल रहा है. इस बीच 27 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन की भी तैयारी शुरू कर दी गई है. भाजपा से जुड़े सांसद, विधायक और बड़े पदों पर बैठे लोग तो सक्रिय हो ही गए हैं, इधर सिंदरी में संचालित hurl  मैनेजिंग डायरेक्टर एसपी मोहंती सोमवार को सिंदरी पहुंचे. उन्होंने अब तक की तैयारी की पूरी जानकारी ली. प्लांट का भी निरीक्षण किया. 

    अधिकारियों को आवश्यक और सख्त निर्देश भी दिए. प्रधानमंत्री को धनबाद में सिंदरी में संचालित hurl उद्घाटन  करना है.  Hurl मैनेजमेंट का कहना है कि उत्पादन प्रक्रिया लगातार जारी है, लेकिन इसके लिए भी प्रबंधन सचेत है कि प्रधानमंत्री के उद्घाटन के दिन तक प्रोडक्शन में कोई विघ्न बाधा नहीं उपस्थित हो. प्रधानमंत्री ने ही hurl शिलान्यास किया था.  अब वही उद्घाटन करने आ रहे है.  देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की "स्वप्न सुंदरी" सिंदरी 1951 में शुरू होने के बाद किस्तों में मरती चली गई या किस्तों में मार दी गई.  दोनों बातें सच है ,क्योंकि जिस तामझाम और जरूरत को पूरा करने के लिए सिंदरी खाद कारखाने का उद्घाटन पंडित नेहरू ने 1951 में किया था, उसे आगे के दिनों में मेंटेन नहीं किया गया और धीरे-धीरे अव्यवस्था, भ्रष्टाचार, लालफीताशाही ,नेतागिरी की भेंट चढ गया देश का प्रतिष्ठित सिंदरी खाद कारखाना.  

    2002 में बंद है कारखाना  

    यूं तो इसकी हालत एक दशक से भी अधिक समय से बिगड़ रही थी लेकिन अंततः दिसंबर 2002 में इस कारखाने को स्थाई रूप से बंद घोषित कर दिया गया.  यह  कारखाना अपने आप में अद्भुत था, इस कारखाने के पास अपनी रेल लाइन, अपना पोस्ट ऑफिस, अपना एयरपोर्ट सब कुछ था और देश के अन्य उद्योगों के लिए एक उदाहरण भी था. लेकिन समय के साथ सरकार की निगाहें टेढ़ी होती  गई  और यह कारखाना हमेशा -हमेशा के लिए बंद हो गया.  जिस समय यह कारखाना बंद हुआ ,उस समय यहां कार्यरत कर्मचारियों की संख्या लगभग दो हजार से भी अधिक थी.सब कुछ खत्म होने के बाद 2016  में केंद्र सरकार ने सुगबुगाहट शुरू की.  कोल इंडिया लिमिटेड, एनटीपीसी, इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड और एफसीआईएल को मिलाकर 15 जून 2016 को एक ज्वाइंट वेंचर कंपनी बनाई गई, जिसका नाम दिया गया हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (हर्ल) , जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मई 2018  को किया. अब 27 को इसका उद्घाटन करने प्रधानमंत्री आ रहे है.



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