झारखण्ड के गरीबों को मंजूर नहीं 25 रुपये लीटर पेट्रोल सब्सिडी योजना, देखिये आखिर क्या है इसकी वजह

    झारखण्ड के गरीबों को मंजूर नहीं 25 रुपये लीटर पेट्रोल सब्सिडी योजना, देखिये आखिर क्या है इसकी वजह

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड सरकार ने वैट  घटाने के बजाय' 2022 में सब्सिडी लेने वालों की संख्या लगातार देने की घोषणा की थी.  लोग अब कह रहे है कि सरकार  यह जानती थी कि यह योजना धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी, इसलिए ही बहुत सोच विचार कर सब्सिडी देने का निर्णय ली होगी.  हालांकि ,उस समय पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते दाम  के कारण मांग की जा रही थी कि सरकार वैट  घटा कर राहत  दे. पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का  दावा  था कि इसे सरकार को राजस्व में कोई नुकसान नहीं होगा।  लेकिन झारखंड सरकार ने पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से राहत देने  के लिए जनवरी 22 में कार्ड धारियों को पेट्रोल पर ₹25 प्रति लीटर सब्सिडी देने की योजना शुरू की. 

    सब्सिडी लेने वालों की संख्या लगातार हो रही कमी 
     
    लेकिन अब सब्सिडी लेने वालों की संख्या लगातार घटती जा रही है.  झारखंड में पेट्रोल की कीमत  ₹100 प्रति लीटर होने के बावजूद राशन कार्ड धारी इस योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं या इंटरेस्ट नहीं दिखा रहे है.  जनवरी 22 में जब यह योजना शुरू की गई थी, तब एक 1.15 लाख  लोगों ने इसका लाभ लिया था. चालू वित्तीय  वर्ष के अप्रैल, महीने में इसकी संख्या घटकर 22000 लगभग रह गई है.  सरकार ने पेट्रोल सब्सिडी योजना शुरू करने के बाद री  रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की थी. योजना के लाभुकों को हर महीने री रजिस्ट्रेशन कराना है. इस योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिले, इसके लिए लाभुकों  के मोबाइल पर मैसेज भेज कर फ्री रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की गई है.  लेकिन लाभुकों  की संख्या बढ़  नहीं रही है. 
     
    सरकार ने दस करोड़ खर्च करने का किया है प्रावधान 
     
    सरकार ने वित्तीय वर्ष 23-24  में पेट्रोल सब्सिडी योजना के लिए दस करोड़  खर्च करने का प्रावधान किया है. इसके जरिए सही राशन कार्ड धारियों को ₹250 प्रति माह की दर से राशि उपलब्ध करानी है.  सरकार ने जब यह योजना जनवरी 2022 में शुरू की थी तब 145197 लोगों ने सब्सिडी के लिए आवेदन किया था.  इसमें से 1,15, 356 आवेदन स्वीकृत  करने के बाद इन्हें 10 लीटर  तक के पेट्रोल पर ₹25 प्रति लीटर की सब्सिडी दी गई.  इसके बाद लगातार लाभुकों की संख्या घटती जा रही है.  लाभुक भी इस योजना  स्वीकार नहीं कर रहे है.  ₹100 प्रति लीटर की दर से  पेट्रोल खरीद रहे हैं लेकिन सब्सिडी योजना का लाभ लेने से परहेज कर रहे है. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 



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