दु:खद : नहीं रही अंकिता, एक तरफा प्यार की शिकार बनी नाबालिग ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, लोगों में भारी आक्रोश


दुमका (DUMKA): रविवार की सुबह दुमका के लिए मनहूसियत भरी खबर लेकर आया. एक सप्ताह पहले नगर थाना क्षेत्र के जरुआ डीह गांव में एक तरफा प्यार में सनकी आशिक ने अंकिता सिंह नामक नाबालिग युवती पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी. गंभीर स्थिति में परिजन उसे लेकर दुमका के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे जहां से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया था. यहां इलाज के दौरान शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई. मौत की खबर दुमका पहुंचते ही एक तरफ जहां परिवार और मोहल्ले में मातम का माहौल है, वहीं दुमका का राजनीतिक पारा भी चढ़ने लगा है.
फांसी की मांग
घटना के विरोध में आंदोलन की रणनीति तैयार होने लगी है. शव के दुमका पहुंचने पर किसी अनहोनी घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है. क्योंकि मामला इंटर रिलिजन है. वैसे इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना के दिन ही आरोपी शाहरुख को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. बता दें कि कल तक पीड़िता को बालिग बताया जा रहा था, लेकिन मौत के बाद जो तथ्य सामने आया उसमें मैट्रिकुलेशन के सर्टिफिकेट के अनुसार वह नाबालिग है. वही समाज के लोगों ने आरोपी के परिवार का सामाजिक बहिष्कार के निर्णय के साथ-साथ आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं.
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दुमका में राजनीति तेज
घटना को लेकर जिले में खूब राजनीति हो रही है. ऐसे में मामले को लेकर भाजपा नेत्री लुईस मरांडी ने कहा कि घटना के बाद से ही भाजपा पार्टी पीड़ित और उसका परिवार के साथ खड़ी रही है. पीड़ित के बेहतर इलाज के लिए उसे दुमका से रांची पहुंचाया गया. लकिन पीड़िता की मौत पूरे शहर के लिए दुख की बात है. कहा कि आरोपी को जल्द से जल्द सजा होनी चाहिए और पीड़ित के परिवार वालों को जल्द से मुआवजा दिखा जाना चहिए. वहीं इस मामले में अमर बाउरी का भी बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने न इस बेटी का हाल समाचार पूछा और न ही किसी तरह की व्यवस्था करवाई, सिर्फ इसलिए कि अपराधी एक विशेष वर्ग का था. उन्होंने झारखंड सरकार से मांग की है कि अंकिता को अविलंब न्याय मिले और दोषी को फांसी की सजा.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
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