पलामू : पांकी हिंसा को लेकर शहर में तनाव, 19 फरवरी तक इंटरनेट बंद

    पलामू : पांकी हिंसा को लेकर शहर में तनाव, 19 फरवरी तक इंटरनेट बंद

    पलामू (PALAMU) : पलामू के पांकी की घटना के बाद पूरे पलामू जिले में पुलिस अलर्ट पर है. पांकी में स्तिथि फिलहाल सामान्य बनी हुई है. बता दें कि जिले के पांकी बाजार में महाशिवरात्रि पर तोरण द्वार लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया. इस दौरान जमकर पत्थरबाजी हुई. वही बीच-बचाव करने गए कुछ पुलिसकर्मी जख्मी हो गए. और इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई. जिले के एसपी चंदन कुमार सिन्हा और उपायुक्त ए दोड्डे मौके पर पहुंचकर स्थानीय प्रबुद्ध लोगों के साथ मिल कर बैठक करते हुए मामले को नियंत्रित करने में लगे हैं. जानकारी के अनुसार इस हिंसा को लेकर पलामू में 19 फरवरी तक इंटरनेट बंद रखने का आदेश जारी किया गया है. वहीं हिंसा को लेकर अब तक 13 लोगों की हुई गिरफ्तारी हो चुकी है. जबकि 100 नामजद और 1000 अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया गया है.

    रांची से भेजे गए 200 RAF के जवान

    पुलिस अमन पसंद लोगों के साथ बैठक कर मामले को पूरी तरह से शांत करने में लगी है. तनाव को देखते हुए रांची से 200 से अधिक RAFके जवानों को पलामू भेजा गया है. RAF न ने पहुंचते ही पूरे इलाके में फ्लैग मार्च किया है.पांकी में किसी को भी एक जगह खड़े होने की इजाजत नहीं है कोई व्यक्ति घर से बाहर निकल रहा है तो उससे पूछताछ की जा रही है. इसके अलावा स्तिथि पूरी तरह से शांत करने के लिए तीन ips कैम्प कर रहे है. साथ ही जिला पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद है.वही आपको बता दे कि पलामू उपायुक्त ने पूरे पांकी में धारा 144 लागू कर दिया है. फिलहाल जिले में  इंटरनेट सेवा बंद है. 

    मस्जिद की छत से शुरू हुआ पथराव 

    घटना के बाद पांकी बाजार क्षेत्र की सारी दुकान बंद है. बाजार क्षेत्र में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल है. सड़क पर पत्थर बिखरे पड़े हैं. हिंदू पक्ष के लोगों का कहना है कि तोरण द्वार लगाने के बाद उसे जबरन कबाड़ कर फेंक दिया गया, जब विरोध किया गया तो मस्जिद की छत से लोग पत्थर फेंकने लगे. मस्जिद की छत पर पहले से ढेर सारा पत्थर उठाकर रखा गया था.

    रामगढ़ उपचुनाव पर पड़ेगा असर

    इस पूरे मामले का असर कही न कही रामगढ़ उपचुनाव पर पड़ेगा. फिलहाल भाजपा और महागठबंधन आनमे सामने है. भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की सरकार की तुष्टीकरण की राजनिति के कारण राज्य में ऐसी घटनाएं बढ़ रही है. वहीं सरकारी की सहयोगी कांग्रेस का कहना है कि इस हिंसा को राजनितिक रंग देने की कोशिश न की जाए, मामले में आरोपीयों पर कार्रवाई की जा रही है. मामले को लेकर आरोप और प्रत्यारोप तो चलता ही रहेगा, बस याद रहे की लोग अपने हैं, राज्य अपना है. अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें.


    रिपोर्ट : समीर हुसैन, पलामू


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