कभी नक्सलियों का डर था, आज सैलानियों की भीड़ है ! गुमला बना नया टूरिस्ट स्पॉट, लेकिन बुनियादी सुविधाएं सवालों में


गुमला ( GUMLA) : झारखंड का गुमला जिला इन दिनों देश-प्रदेश से आने वाले पर्यटकों से पूरी तरह गुलजार नजर आ रहा है. नए साल की शुरुआत होते ही यहां के प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों पर लोगों की भीड़ उमड़ने लगती है, जो जनवरी महीने भर जारी रहती है. हालांकि, बढ़ती भीड़ के बीच स्थानीय लोगों ने सरकार की उदासीनता को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि अगर सरकार थोड़ी भी गंभीरता दिखाए, तो गुमला के पर्यटन स्थल पूरे देश के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन सकते हैं.
झारखंड का गुमला जिला कभी नक्सलियों का गढ़ माना जाता था. यहां आए दिन ऐसी घटनाएं होती थीं, जो लोगों के मन में डर पैदा करती थीं. लेकिन बीते कुछ वर्षों में पुलिस की सक्रियता और सख्त कार्रवाई के चलते नक्सली गतिविधियों पर लगभग पूरी तरह से विराम लग चुका है. इसका असर अब साफ दिखने लगा है. हालात सामान्य होने के बाद गुमला के तमाम पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन गए हैं.
नए साल के मौके पर गुमला और इसके आसपास के इलाकों के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं. परिवार के साथ पिकनिक मनाने, प्रकृति के बीच समय बिताने और धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए सैलानियों की भारी भीड़ देखी जा रही है. गुमला के रैली, पालकोट, बिशनपुर, घाघरा, डुमरी, चैनपुर और जारी प्रखंडों में कई ऐसे खूबसूरत स्थल हैं, जो पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं.
गुमला जिले से होकर बहने वाली नदियां जब पहाड़ों के बीच से गुजरती हैं, तो उनका नजारा लोगों को मंत्रमुग्ध कर देता है. इसके साथ ही यहां कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भी हैं, जो आस्था और शांति का केंद्र बने हुए हैं. यहां आने वाले पर्यटकों का कहना है कि इन स्थानों पर आकर न सिर्फ नए साल का जश्न मनाने का मौका मिलता है, बल्कि मन और दिमाग को भी सुकून मिलता है.
वहीं, स्थानीय लोगों का मानना है कि गुमला में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण पर्यटकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. सड़क, शौचालय, साफ-सफाई और ठहरने की बेहतर व्यवस्था नहीं होने से कई बार लोगों को दिक्कत होती है. उनका कहना है कि अगर सरकार इन स्थलों के विकास पर ध्यान दे, तो गुमला एक बड़ा पर्यटन हब बन सकता है.
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि गुमला की प्राकृतिक खूबसूरती पूरी तरह से नेचुरल है, जो देश के कई हिस्सों में देखने को नहीं मिलती. अगर यहां पर्यटन सुविधाएं बेहतर कर दी जाएं, तो साल भर पर्यटकों का आना-जाना बना रहेगा. इससे न सिर्फ गुमला का विकास होगा, बल्कि आसपास के लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे.
लोगों का उदाहरण देते हुए कहना है कि देश के कई राज्य अपनी अर्थव्यवस्था को पर्यटन से मजबूत कर रहे हैं. ऐसे में अगर गुमला के पर्यटन स्थलों को सही तरीके से विकसित किया जाए, तो इस इलाके की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकती हैं. स्थानीय लोगों की बस यही मांग है कि सरकार इन खूबसूरत वादियों पर ध्यान दे, ताकि गुमला अपनी पहचान एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में बना सके.
रिपोर्च-सुशील सिंह राजपूत
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