रांची(RANCHI): अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रेलवे में नारी शक्ति का शानदार नजारा देखने को मिला. इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए रांची से लोहरदगा के बीच चलने वाली ट्रेन का संचालन पूरी तरह महिलाओं के हाथों में सौंपा गया. जिसमें लोको पायलट, गार्ड, टीसी से लेकर स्टेशन स्टाफ तक सभी जिम्मेदारियां महिलाओं ने संभालीं.
ट्रेन के संचालन के दौरान पटरियों पर दौड़ती इस ट्रेन के साथ महिलाओं का आत्मविश्वास और काबिलियत भी साफ नजर आई. यात्रियों के बीच भी इस पहल को लेकर उत्साह देखने को मिला और कई लोगों ने महिला कर्मचारियों को महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं.
इस खास मौके पर जब हमने ट्रेन में ड्यूटी कर रही एक महिलाटीटी से बातचीत की और उनसे पूछा कि कई बार महिला होने की वजह से कुछ यात्री उनकी बात नहीं मानते या बहस करने लगते हैं, तो ऐसे हालात में वे कैसे स्थिति को संभालती हैं. इस सवाल पर उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान कई बार ऐसा होता है जब कुछ यात्री नियमों का पालन नहीं करते और उनकी बातों को नजरअंदाज करने की कोशिश करते हैं.
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में वह बेहद धैर्य के साथ काम करती हैं. यात्रियों को शांत तरीके से नियमों के बारे में समझाती हैं और कोशिश करती हैं कि बिना किसी विवाद के स्थिति को संभाला जाए. उनका मानना है कि धैर्य और समझदारी से हर समस्या का समाधान निकाला जा सकता है.
महिला टीसी ने यह भी कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ निभा रही हैं. चाहे वह रेलवे हो, सेना हो, प्रशासन हो या कोई अन्य क्षेत्र हर जगह महिलाएं अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं.
उन्होंने आगे कहा कि आज जिस तरह से महिलाओं को अवसर मिल रहे हैं, उससे समाज में सकारात्मक बदलाव आ रहा है. महिलाएं न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.
महिला दिवस के इस विशेष अवसर पर महिला कर्मचारियों ने यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का भरोसा भी दिया. उनका कहना है कि आज वे सभी यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही हैं.
हालांकि हर दिन महिला और पुरुष दोनों के लिए समान होता है, लेकिन 8 मार्च का दिन खास तौर पर महिलाओं के सम्मान, उनके संघर्ष और उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है.
Thenewspost - Jharkhand
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